रिपोर्ट: राहुल द्विवेदी | कानपुर
कानपुर। साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कानपुर की थाना फजलगंज पुलिस ने कथित साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार देश के साथ-साथ विदेश से भी जुड़े होने की बात सामने आ रही है।
पुलिस का दावा है कि इस गिरोह का कथित सरगना सुल्तान मिर्जा दुबई में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा है। मामले में अब तक सामने आई जानकारी और लेनदेन की जांच के आधार पर पुलिस को देश-विदेश में 100 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी होने की आशंका है।
फजलगंज पुलिस की कार्रवाई में तीन आरोपी गिरफ्तार
थाना फजलगंज पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े मामले की जांच के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और कथित ठगी की रकम के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।
जांच का अहम पहलू यह पता लगाना भी है कि गिरफ्तार आरोपियों की इस नेटवर्क में क्या भूमिका थी और इनके संपर्क किन-किन लोगों से थे।
दुबई से नेटवर्क संचालित करने का दावा
फजलगंज पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया है कि गिरोह का कथित सरगना सुल्तान मिर्जा दुबई में बैठकर नेटवर्क संचालित कर रहा है। यदि आगे की जांच में इसकी पुष्टि होती है तो मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन से जुड़े पहलुओं की भी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस नेटवर्क की पूरी चेन का पता लगाने की कोशिश कर रही है, ताकि यह सामने आ सके कि कथित साइबर ठगी से हासिल रकम किन खातों में भेजी जाती थी और बाद में उसका इस्तेमाल या ट्रांसफर किस तरह किया जाता था।
₹100 करोड़ से अधिक की ठगी की आशंका
मामले में सबसे बड़ा दावा ठगी की रकम को लेकर सामने आया है। पुलिस की जांच में 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि नेटवर्क से जुड़ी वास्तविक रकम और पीड़ितों की संख्या विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस की जांच में बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इनके आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि नेटवर्क के जरिए कितनी रकम का लेनदेन हुआ और पैसा किन-किन खातों तक पहुंचा।
देश-विदेश तक नेटवर्क फैले होने की आशंका
पुलिस के मुताबिक, मामला केवल कानपुर या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं हो सकता। प्रारंभिक जांच के आधार पर नेटवर्क के जरिए देश और विदेश में साइबर ठगी किए जाने की आशंका जताई गई है।
ऐसे में जांच का दायरा बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क में अलग-अलग लोगों को क्या जिम्मेदारियां दी गई थीं और कथित ठगी के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था।
बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच अहम
साइबर ठगी के मामलों में पैसे के लेनदेन की डिजिटल कड़ी आरोपियों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में पुलिस के लिए संबंधित बैंक खातों और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड की जांच अहम होगी।
मामले में पुलिस की आगे की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित तौर पर ठगी से हासिल रकम किस तरह एक खाते से दूसरे खाते में पहुंचाई जाती थी और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की इसमें क्या भूमिका थी।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान किए जाने की संभावना है।
वहीं, कथित सरगना सुल्तान मिर्जा के दुबई से नेटवर्क संचालित करने संबंधी पुलिस के दावे की भी जांच आगे बढ़ने के साथ और जानकारी सामने आ सकती है।
फजलगंज पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे होने वाले खुलासों पर नजर बनी हुई है। यदि पुलिस की जांच में ₹100 करोड़ से अधिक की ठगी की आशंका पुष्ट होती है तो यह मामला बड़े साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े मामलों में शामिल हो सकता है।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी और पुलिस के प्रारंभिक दावों के आधार पर तैयार की गई है। जांच पूरी होने तक गिरफ्तार व्यक्तियों पर लगे आरोप न्यायालय में सिद्ध नहीं माने जाते।