बेकनगंज पुलिस ने फूलबाग चौराहे के पास से दबोचा; पुलिस के मुताबिक मास्टरमाइंड बताए जा रहे इरशाद आलम का सहयोगी है आरोपी इम्तियाज
कानपुर। वांछित और इनामी आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बेकनगंज थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ₹25 हजार के इनामी आरोपी इम्तियाज पुत्र मश्ताक (31 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ बेकनगंज थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पर जाजमऊ क्षेत्र में दूसरे व्यक्ति की जमीन को अपनी बताकर कथित रूप से करीब ₹3.30 करोड़ हड़पने और रंगदारी मांगने का आरोप है। मामले में इम्तियाज को कथित मास्टरमाइंड इरशाद आलम का सहयोगी बताया गया है।
मुखबिर की सूचना पर फूलबाग से गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, 13 अगस्त 2026 को सुबह करीब 9:45 बजे बेकनगंज पुलिस को मुखबिर के जरिए आरोपी के संबंध में सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने फूलबाग चौराहे के आसपास घेराबंदी की।
इसी दौरान बाटा शोरूम के पास से इम्तियाज को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी पर डीसीपी सेंट्रल की ओर से ₹25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
₹3.30 करोड़ हड़पने का आरोप
पुलिस के अनुसार मामला जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का है। आरोप है कि जाजमऊ क्षेत्र में किसी दूसरे व्यक्ति की जमीन को अपनी जमीन बताकर सौदेबाजी की गई और इसके जरिए करीब 3 करोड़ 30 लाख रुपये हड़प लिए गए।
इसके साथ ही मामले में रंगदारी मांगने के आरोप भी बताए गए हैं। पुलिस पूरे प्रकरण में आरोपी की भूमिका और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
इरशाद आलम का सहयोगी होने का दावा
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार इम्तियाज को इस प्रकरण के कथित मास्टरमाइंड इरशाद आलम का सहयोगी बताया गया है। जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े में किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही और रुपये के लेन-देन से संबंधित क्या साक्ष्य उपलब्ध हैं।
न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि फरार, वांछित और इनामी आरोपियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
नोट: खबर में उल्लिखित धोखाधड़ी, रंगदारी और अन्य आरोप पुलिस द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित हैं। आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा।