पिनाहट/आगरा। चंबल पट्टी के गांवों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। थाना बासौनी क्षेत्र के झरनापुरा गांव तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि वे कई वर्षों से पक्के मार्ग की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों के मुताबिक मुख्य मार्ग से झरनापुरा गांव तक पहुंचने के लिए चंबल के बीहड़ में करीब चार किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। रास्ता कच्चा होने के कारण सामान्य दिनों में भी आवागमन मुश्किल रहता है, जबकि बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है।
बरसात में कीचड़ और दलदल बना मुसीबत
बारिश के दौरान कच्चे रास्ते पर कीचड़ और दलदल हो जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार उन्हें पैदल ही गांव तक पहुंचना पड़ता है।
शनिवार को भी गांव की ओर जा रही एक बोलेरो गाड़ी रास्ते में कीचड़ में फंस गई। काफी मशक्कत के बाद वाहन को बाहर निकाला जा सका।
बीहड़ के रास्ते पैदल चलने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि पक्का मार्ग नहीं होने के कारण उन्हें बीहड़ के रास्ते से आवागमन करना पड़ता है। रात के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों का खतरा होने की बात भी कही है।
ऐसे में किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या आपात स्थिति में गांव तक वाहन पहुंचाना बड़ी चुनौती बन सकता है।
ग्रामीण बोले- चुनाव में वादे होते हैं, रास्ता आज भी नहीं बना
गांव के राजेश सिंह, राकेश सिंह, दीपक वर्मा, सोनवीर निषाद, पप्पू सिंह और नेत्रपाल वर्मा ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि गांव में विकास और सड़क निर्माण के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव बीतने के बाद समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाता।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पक्के रास्ते की मांग की जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से झरनापुरा को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की है।