का शनिवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हो गया। सात जुलाई से 11 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण शिविर में बीएड प्रशिक्षुओं ने अनुशासन, नेतृत्व, सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यवहारिक जीवन कौशल से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की।
समापन समारोह से पूर्व बीएड प्रशिक्षुओं ने सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की। इसके बाद ध्वजारोहण कर स्काउट-गाइड की परंपरा के अनुसार तंबू निर्माण, रंगोली निर्माण एवं अन्य व्यवहारिक गतिविधियों का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षकों ने सभी प्रतिभागियों को स्काउट-गाइड की दीक्षा दिलाते हुए सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा दी।
शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं ने प्राथमिक उपचार, टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सेवा, स्वच्छता, अनुशासन और आत्मनिर्भरता जैसी कई महत्वपूर्ण गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। अंतिम दिन उन्होंने विशेष गतिविधि के तहत बिना बर्तनों के भोजन तैयार किया और अपने गुरुजनों को उसका स्वाद चखाकर अपनी व्यवहारिक दक्षता का परिचय दिया।
समापन समारोह का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद बीएड प्रशिक्षुओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया।
अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि स्काउट-गाइड प्रशिक्षण केवल एक पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शिविर में सीखे गए अनुशासन, सेवा और नेतृत्व के गुण उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक होंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी प्रवक्ता डॉ. राजमन प्रसाद ने की, जबकि संचालन प्रशिक्षक मदन चौहान ने किया। इस अवसर पर जिला प्रशिक्षण आयुक्त रितेशनी मिश्रा, प्रशिक्षिका कुसुम लता, रीना मौर्या, शिवांगी, प्रीति, रूबी, रविन्द्र कुमार, मनीष, रवि, राजेश, सतीश पटेल, नवीन मौर्य, राम प्रवेश सिंह सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में सभी प्रशिक्षुओं को स्काउट-गाइड प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर शुभकामनाएं दी गईं तथा समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प दिलाया गया।