हापुड़। एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने पुराने एवं निर्धारित मानकों के दायरे में आने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में पिलखुवा स्थित छिजारसी टोल प्लाजा पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें 18 End of Life (EOL) वाहनों को जब्त कर अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों को सौंपे जाने की जानकारी है।
अभियान में यातायात पुलिस के साथ अधिकृत Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSF) के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। टीम ने टोल प्लाजा से गुजरने वाले पुराने वाहनों के रिकॉर्ड और निर्धारित मानकों की जांच की।
छिजारसी टोल पर वाहनों की सघन जांच
विशेष अभियान के दौरान पुराने और प्रदूषणकारी वाहनों पर नजर रखी गई। विभागीय जानकारी के मुताबिक BS-III और उससे नीचे के उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों के साथ निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों की जांच की गई।
जांच के दौरान EOL श्रेणी में पाए गए 18 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें अधिकृत स्क्रैपिंग फैसिलिटी को सौंपा गया।
NCR में पुराने वाहनों को लेकर सख्त नियम
दिल्ली-NCR में पुराने वाहनों को लेकर लंबे समय से विशेष प्रतिबंध लागू रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के 2018 के आदेश में NCR के परिवहन विभागों को 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को NCR में नहीं चलने देने का निर्देश दिया गया था।
हाल के वर्षों में CAQM ने EOL वाहनों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर अलग-अलग चरणों में प्रवर्तन व्यवस्था भी तैयार की है।
अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर का इस्तेमाल करने की अपील
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपने वाहन की आयु, पंजीकरण और लागू नियमों की जानकारी रखने की अपील की है। निर्धारित EOL श्रेणी में आने वाले वाहन स्वामियों को अधिकृत RVSF सेंटर के माध्यम से स्क्रैपिंग प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक प्रदूषण नियंत्रण और परिवहन नियमों के अनुपालन को लेकर आगे भी चेकिंग एवं प्रवर्तन अभियान जारी रहेंगे।