हापुड़ में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट सुधीर चौहान और जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर समेत पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे। इससे पहले सपा ने 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान चलाने की घोषणा की थी।
सपा कार्यकर्ता हापुड़ के बुलंदशहर रोड स्थित पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मार्च निकालने की तैयारी की। मौके पर मौजूद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसे लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला भी जलाया गया और पुलिस ने कुछ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन में शामिल सुधीर चौहान ने निर्वाचन प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता सुनिश्चित किए जाने की मांग की। हालांकि निर्वाचन आयोग को लेकर लगाए गए आरोप समाजवादी पार्टी के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। सुधीर चौहान और आनंद गुर्जर ने 2 अक्टूबर की प्रेस वार्ता में भी आयोग के खिलाफ इसी तरह के आरोप लगाते हुए आंदोलन की घोषणा की थी।
सपा कार्यकर्ताओं को रोकने के दौरान काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। पुलिस द्वारा कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें पुलिस लाइन ले जाए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बाद मौके पर स्थिति सामान्य हुई। हालांकि हिरासत में लिए गए सभी लोगों की आधिकारिक सूची और उनके खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई किए जाने की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सपा जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर ने भी प्रदर्शन के दौरान पार्टी की मांगों को दोहराया। इससे पहले पार्टी की ओर से घोषित कार्यक्रम में 4 अक्टूबर को जिला स्तर पर मार्च, संविधान के अनुच्छेद 326 के पाठ और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पुतला दहन का कार्यक्रम रखा गया था।
बाइट: एडवोकेट सुधीर चौहान, राष्ट्रीय प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी
बाइट: आनंद गुर्जर, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी