हापुड़। सिंभावली थाना क्षेत्र के गांव खुलडिया से मुकदमे में नाम हटवाने के नाम पर रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। गांव निवासी लीलू ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति ने मुकदमे से उसका नाम निकलवाने के बदले पांच लाख रुपये की मांग की और उससे ढाई लाख रुपये ले लिए, लेकिन बाद में उसका नाम मुकदमे से नहीं हटाया गया।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने दिए गए रुपये वापस मांगे तो रकम लौटाने से इनकार कर दिया गया और उसे कथित तौर पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। मंगलवार को पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत देते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
नाम हटवाने के लिए ₹5 लाख मांगने का आरोप
लीलू के मुताबिक एक मामले में उसका नाम दर्ज हुआ था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया और मुकदमे से उसका नाम निकलवाने की बात कही।
पीड़ित का आरोप है कि इसके बदले उससे ₹5 लाख की मांग की गई। संबंधित व्यक्ति की बातों पर भरोसा करते हुए उसने कथित तौर पर ढाई लाख रुपये दे दिए।
पैसे देने के बाद भी मुकदमे से नहीं हटा नाम
लीलू का आरोप है कि रुपये देने के बावजूद उसका नाम मुकदमे से नहीं हटाया गया। प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद जब उसे इसकी जानकारी हुई तो उसने संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर अपने पैसे वापस मांगे।
आरोप है कि इसके बाद भी उसे रकम वापस नहीं मिली।
रुपये वापस मांगे तो धमकी देने का आरोप
पीड़ित ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि ढाई लाख रुपये वापस मांगने पर संबंधित व्यक्ति ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया।
इसके साथ ही पीड़ित ने जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की सत्यता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मंगलवार को SP कार्यालय पहुंचा पीड़ित
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर लीलू मंगलवार को हापुड़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। यहां उसने लिखित शिकायत देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
पीड़ित ने पुलिस से रुपये लेने और कथित धमकी देने के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल रुपये के लेन-देन, मुकदमे से नाम हटवाने के कथित आश्वासन और धमकी से संबंधित सभी बातें शिकायतकर्ता के आरोप हैं। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।