हापुड़ (मनीष कुमार)। जनपद के बदनौली गांव में दीपक उर्फ गोलू की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पीड़ित परिवार से मिलने के लिए बदनौली जाने की तैयारी कर रहीं समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय महासचिव शालू जौहरी को पुलिस-प्रशासन ने उनके निवास स्थान पर ही रोक दिया। शालू जौहरी ने इसे ‘हाउस अरेस्ट’ बताते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।
पुलिस-प्रशासन की ओर से बदनौली में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के मद्देनजर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। शालू जौहरी के निवास के बाहर भी पुलिस बल तैनात किया गया।
पीड़ित परिवार से मिलने बदनौली जाना चाहती थीं शालू जौहरी
शालू जौहरी बदनौली पहुंचकर मृतक दीपक उर्फ गोलू के परिजनों से मुलाकात करना चाहती थीं। हालांकि पुलिस ने उन्हें उनके निवास स्थान पर ही रोक दिया और गांव की ओर जाने की अनुमति नहीं दी।
इसके बाद शालू जौहरी ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया।
बोलीं- पीड़ित परिवार से मिलना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार
सपा नेता शालू जौहरी ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाना और उनके दुख-दर्द में शामिल होना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन विपक्ष के नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से रोककर उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग
शालू जौहरी ने दीपक उर्फ गोलू की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उचित आर्थिक मुआवजा दिए जाने की भी मांग की। सपा नेता का कहना है कि घटना के बाद परिवार सदमे में है और समाज के लोगों में भी आक्रोश है।
निवास के बाहर पुलिस बल तैनात
शालू जौहरी को बदनौली जाने से रोकने के साथ उनके निवास स्थान पर पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन की ओर से क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
इससे पहले भी बदनौली में पीड़ित परिवार से मिलने के लिए जाने वाले विभिन्न राजनीतिक प्रतिनिधियों को प्रशासन द्वारा रोके जाने की खबरें सामने आ चुकी हैं।
बदनौली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
दीपक उर्फ गोलू की मौत के बाद बदनौली गांव और आसपास के इलाके में पुलिस-प्रशासन सतर्क है। किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
फिलहाल पुलिस की ओर से शांति-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है, जबकि राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मुलाकात की अनुमति देने और मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रिपोर्ट: मनीष कुमार | NHP भारत NEWS, हापुड़