हापुड़। बदनौली प्रकरण को लेकर मंगलवार को एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को पुलिस-प्रशासन ने गांव पहुंचने से पहले ही रोक दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली कर रहे थे।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देने और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के लिए बदनौली जा रहे थे। वहीं गांव में तनावपूर्ण परिस्थितियों और कानून-व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
दानिश अली के नेतृत्व में बदनौली जा रहा था प्रतिनिधिमंडल
जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली के नेतृत्व में बदनौली के लिए निकला था।
प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त करना चाहता था। लेकिन पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया।
पुलिस-प्रशासन से हुई बहस
प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने के दौरान कांग्रेस नेताओं और मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बहस भी हुई।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल पीड़ित परिवार से मिलकर उनका दुख साझा करना और घटना की जानकारी लेना था।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष के प्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार तक पहुंचने से रोका जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं को जिला कार्यालय पर रोके जाने की भी खबर
स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के कई नेताओं को हापुड़ की दिल्ली रोड स्थित पार्टी के जिला कार्यालय पर ही रोक दिया गया, जबकि कुछ नेताओं को घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
पुलिस-प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई बदनौली गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर की गई।
दीपक की मौत के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
बदनौली गांव में पिछले दिनों दो पक्षों के बीच पथराव और फायरिंग की घटना हुई थी। इसमें गोली लगने से घायल दीपक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
दीपक की मौत के बाद गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। गांव में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने के साथ आने-जाने वाले लोगों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस के मुताबिक मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
बदनौली में किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन सतर्क है। गांव और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है।
फिलहाल प्रशासन का जोर गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है, जबकि कांग्रेस ने अपने प्रतिनिधिमंडल को पीड़ित परिवार से मिलने से रोके जाने पर आपत्ति जताई है।