हापुड़। UPI के चुनिंदा मर्चेंट लेनदेन पर लागू होने वाले 0.40 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में मंगलवार को हापुड़ के व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल (पंजी.) के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए इस व्यवस्था का विरोध जताया और जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा।
व्यापारियों ने मांग की कि ₹2,000 से अधिक के निर्धारित UPI मर्चेंट लेनदेन पर लागू होने वाले MDR को वापस लिया जाए।
‘डिजिटल भुगतान को लगेगा झटका’
प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों ने कहा कि सरकार लगातार डिजिटल इंडिया और कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देती रही है। ऐसे में UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लगने से कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है।
व्यापारियों का कहना है कि छोटे मार्जिन पर कारोबार करने वाले दुकानदारों के लिए अतिरिक्त शुल्क परेशानी का कारण बन सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के प्रति व्यापारियों का रुझान प्रभावित हो सकता है।
वित्त मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा। व्यापारियों ने MDR व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की।
15 अक्टूबर से ऑनलाइन भुगतान बंद करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने चेतावनी दी कि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं होने पर 15 अक्टूबर से जिले के व्यापारी सामूहिक रूप से ऑनलाइन भुगतान स्वीकार करना बंद कर केवल नकद लेनदेन करने पर विचार करेंगे।
हालांकि नए UPI फ्रेमवर्क के तहत सभी UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) UPI लेनदेन मुफ्त रहेंगे। ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान और निर्धारित श्रेणी के छोटे व्यापारियों के लेनदेन भी zero-MDR के दायरे में रहेंगे। ₹2,000 से अधिक के निर्धारित P2M लेनदेन पर 0.40 प्रतिशत MDR का प्रावधान है।