धौलाना/हापुड़। धौलाना औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार को एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। फैक्ट्री में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैलने की बात सामने आई है। देखते ही देखते आग ने आसपास स्थित अन्य फैक्ट्रियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक केमिकल फैक्ट्री समेत करीब तीन फैक्ट्रियां आग से प्रभावित हुई हैं।
आग इतनी भीषण थी कि आसमान में घने काले धुएं का गुबार छा गया और ऊंची लपटें काफी दूर से दिखाई देने लगीं। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल वाहनों को लगाया गया।
केमिकल फैक्ट्री से शुरू हुई आग ने लिया विकराल रूप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग धौलाना औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक केमिकल फैक्ट्री से शुरू हुई। शुरुआत में फैक्ट्री के एक हिस्से में आग लगी, लेकिन कुछ ही समय में उसने विकराल रूप धारण कर लिया।
केमिकल और अन्य ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैलने की बात कही जा रही है। हालांकि आग किस स्थान से और किन कारणों से शुरू हुई, इसकी आधिकारिक जांच अभी बाकी है।
मुर्गी दाना फैक्ट्री समेत आसपास के प्रतिष्ठान भी प्रभावित
बताया जा रहा है कि केमिकल फैक्ट्री से फैली आग ने पास स्थित मुर्गी दाना फैक्ट्री समेत अन्य प्रतिष्ठानों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
आग का दायरा बढ़ता देख दमकल विभाग ने अलग-अलग दिशाओं से आग बुझाने का अभियान शुरू किया, ताकि लपटों को औद्योगिक क्षेत्र की अन्य इकाइयों तक पहुंचने से रोका जा सके।
CFO अजय शर्मा ने संभाली कमान
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) अजय शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे और अग्निशमन एवं राहत अभियान की निगरानी की।
दमकल विभाग की कई टीमें आग पर काबू पाने में जुटीं। वहीं स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए लोगों को आग प्रभावित क्षेत्र से दूर किया।
मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई
फैक्ट्रियों में श्रमिकों की मौजूदगी को देखते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना में किसी जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।
हालांकि घायलों और जनहानि की अंतिम स्थिति प्रशासन तथा दमकल विभाग की आधिकारिक जानकारी से ही स्पष्ट होगी।
कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया काले धुएं का गुबार
आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्रियों से उठ रहा घना काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने की बात कही गई है।
आसमान में धुएं का बड़ा गुबार छाने और ऊंची लपटें उठने से आसपास की औद्योगिक इकाइयों में भी दहशत फैल गई। कई कर्मचारी अपनी फैक्ट्रियों से बाहर निकल आए।
नुकसान और आग लगने की वजह की होगी जांच
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग पूरी तरह नियंत्रित होने और परिसर सुरक्षित घोषित होने के बाद प्रभावित फैक्ट्रियों में हुए नुकसान का आकलन किया जा सकेगा।
इसके साथ ही फैक्ट्रियों में उपलब्ध फायर सेफ्टी सिस्टम, ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण और अन्य सुरक्षा मानकों की स्थिति भी जांच का विषय हो सकती है।