हापुड़। थाना देहात क्षेत्र के साइलो सेकेंड इलाके में संचालित एक पोल्ट्री फीड (मुर्गी दाना) फैक्ट्री को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाली तेज दुर्गंध के कारण आसपास के क्षेत्र में रहना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों ने फैक्ट्री के संचालन में पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मानकों की अनदेखी किए जाने का भी आरोप लगाया है।
पशुओं के अवशेष और हड्डियां पीसने का आरोप
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि फैक्ट्री में पशुओं के अवशेष और हड्डियों को पीसकर पोल्ट्री फीड तैयार किया जा रहा है। लोगों का दावा है कि यह काम दिन-रात चलने के कारण आसपास के इलाके में तेज दुर्गंध फैल रही है।
हालांकि फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उत्पादन प्रक्रिया को लेकर संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
‘दुर्गंध के कारण घरों में रहना मुश्किल’
आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि फैक्ट्री से आने वाली दुर्गंध इतनी अधिक है कि उन्हें अपने घरों में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि बदबू के कारण कुछ लोगों को सिरदर्द, उल्टी जैसा महसूस होने और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतें हो रही हैं।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रदूषण नियंत्रण के मानकों की जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित प्रदूषण नियंत्रण अधिकारियों से फैक्ट्री का निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच की जाए कि फैक्ट्री के पास संचालन के लिए आवश्यक अनुमति और पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियां हैं या नहीं तथा उत्पादन और अपशिष्ट निस्तारण में निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
लोगों ने दुर्गंध की समस्या से जल्द राहत दिलाने और जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
फैक्ट्री प्रबंधन और संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।