हापुड़: सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम

Hapur

हापुड़: पिलखुवा PHC में सुरक्षित गर्भपात और गर्भनिरोधक जागरूकता कार्यक्रम, 56 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

Sep 30, 2026
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हापुड़। सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हापुड़ के प्रसूति एवं स्त्री रोग (OBG) विभाग द्वारा पिलखुवा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस और विश्व गर्भनिरोधक दिवस के उपलक्ष्य में विशेष जागरूकता एवं शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व, परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक उपायों और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘सामूहिक एकजुटता और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में बाधाओं को दूर करना’ रखा गया। आयोजन में चिकित्सकों, शिक्षकों, नर्सिंग विद्यार्थियों और स्थानीय महिलाओं सहित कुल 56 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति किया जागरूक

कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर. पिरामिला के मार्गदर्शन और सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के महाप्रबंधक एन. वर्धराजन के सहयोग से किया गया।

इसका उद्देश्य अनियोजित गर्भधारण की रोकथाम, सुरक्षित एवं कानूनी गर्भपात सेवाओं, गर्भपात के बाद आवश्यक देखभाल और गर्भनिरोधक विकल्पों के बारे में सही जानकारी उपलब्ध कराना था।

डॉ. नसीमा खातून ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखुवा की प्रभारी डॉ. प्रियंका दुबे और डॉ. अंकिता भारद्वाज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

ओबीजी विभागाध्यक्ष डॉ. नसीमा खातून ने स्वागत भाषण देकर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समय पर उचित प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए जागरूकता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए।

नर्सिंग विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक और प्रश्नोत्तरी से दिया संदेश

बीएससी नर्सिंग के सातवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की। विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य वार्ता, संवादात्मक सत्र, प्रश्नोत्तरी और जागरूकता नाटक के माध्यम से महिलाओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी।

इस दौरान गर्भनिरोधक उपायों से जुड़ी गलत धारणाओं और वास्तविक तथ्यों पर चर्चा की गई। विशेष रूप से युवा विवाहित महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और प्रसव के बाद की माताओं को प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों ने संवेदनशील स्वास्थ्यकर्मी बनने और महिलाओं को सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की शपथ भी ली।

सुरक्षित मातृत्व के लिए सही जानकारी जरूरी: डॉ. आर. पिरामिला

प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर. पिरामिला ने अपने संबोधन में कहा कि सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं को सही जानकारी और स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंच मिलना जरूरी है।

उन्होंने गर्भनिरोधक विकल्पों और कानूनी गर्भपात सेवाओं के संबंध में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते समय महिलाओं की गोपनीयता, गरिमा और सम्मानजनक संवाद बनाए रखने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी गलत सूचनाओं और सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने में मदद मिल सकती है।

56 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में संकाय सदस्यों, चिकित्सकों, नर्सिंग विद्यार्थियों और स्थानीय महिलाओं सहित कुल 56 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का समापन सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग की सहायक प्रोफेसर नेहा काकरान के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

आयोजन समिति ने संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. जे. रामचंद्रन और उपाध्यक्ष डॉ. रम्या रामचंद्रन के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।

manish kumar
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manish kumar
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