हापुड़। जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मेरठ तिराहा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के पास एकत्र होकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर पैदल मार्च निकालने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल करीब 50 से 60 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर मेरठ रोड स्थित पुलिस लाइन भेज दिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी और शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने संयुक्त रूप से किया।
पैदल मार्च रोकने पर पुलिस से हुई नोकझोंक
कांग्रेस कार्यकर्ता मेरठ तिराहा पर एकत्र होने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च निकालना चाहते थे। पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया।
इसके बाद मौके पर दोनों पक्षों के बीच बहस और नोकझोंक हुई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध और पैदल मार्च करने से रोका जा रहा है।
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए तथा कार्रवाई की मांग की।
ये कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। किसी चुनाव में वोट चोरी या चुनाव परिणाम में हेरफेर होने की बात यहां स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में प्रमाणित नहीं है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पार्टी चुनावी प्रक्रिया से जुड़े हालिया घटनाक्रम को गंभीर मानती है।
SIR और 13 करोड़ नामों का मुद्दा उठाया
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) का मुद्दा भी उठाया।
The Indian Express की हालिया जांच के अनुसार SIR के दौरान 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम बाहर हुए हैं। इसी रिपोर्ट में कहा गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में चुनाव आयोग के विभिन्न फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम-से-कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं।
इन आपत्तियों में Form-6 में बदलाव, मतदाता डेटाबेस के केंद्रीकरण तथा मतदाताओं के नाम जोड़ने-हटाने की प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
चुनाव आयोग ने बाद में इन नोट्स को आयोग के भीतर सामान्य विचार-विमर्श के दौरान मिले सुझाव और इनपुट बताया।
इरफान अहमद ने उठाई कार्रवाई की मांग
शहर कांग्रेस अध्यक्ष इरफान अहमद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने उन राज्यों की चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए जहां कांग्रेस का आरोप है कि अनियमितताओं से भाजपा को फायदा हुआ।
इसी तरह पूर्व विधायक गजराज सिंह ने पश्चिम बंगाल, हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली की चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर आरोप लगाए।
इन आरोपों को कांग्रेस नेताओं के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। संबंधित चुनाव परिणामों में कथित धांधली या किसी दल को अनुचित लाभ दिए जाने की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि इस रिपोर्ट में स्थापित नहीं है।
कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता हिरासत में
कांग्रेस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार हिरासत में लिए गए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में दिनेश चंद शर्मा, रजनीश त्यागी, डॉ. शोएब, रश्मि चौधरी, मानवी सिंह, रामप्रसाद जाटव, नरेश भाटी, इकबाल प्रधान, राज सिंह गुर्जर, गौरव गर्ग, मनीष त्यागी, दीपक मोघे, यशपाल दिल्लोर, सुखप्पा गौतम, आदेश शर्मा, सुधीर शर्मा, एजाज अहमद, सेंसरपाल सिंह, फुरकान कुरैशी, डॉ. सालक चंद, सचिन कुमार, एडवोकेट फुरकान, अमरनाथ शर्मा, खुशनुद अली, सरला जाटव, विनोद जाटव, शाकिर अली, मुरसलीन चौधरी, अनस, तनवीर चौधरी, अफजाल आढ़ती, विपिन कुमार, रईस अन्नू, मोहित सिंह, अरुण वर्मा, हर्ष गर्ग, प्रवीण शर्मा, मजहर खान, पंकज शर्मा, रामू ठेकेदार, शादाब सैफी, गोपाल भारती, नेक मोहम्मद, अदनान, कादिर अली, शहजाद, रामोतार ठेकेदार, गुलफाम अहमद और महबूब अली समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल बताए गए हैं।
हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या की पुलिस की आधिकारिक पुष्टि सामने आने पर इसे अपडेट किया जाना चाहिए।