हापुड़ में समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। सपा का यह प्रदर्शन पार्टी के घोषित ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के क्रम में हुआ। पार्टी ने 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में अभियान चलाने की घोषणा की थी और हापुड़ में भी जिला स्तर पर प्रदर्शन की रूपरेखा पहले सार्वजनिक की गई थी।
रविवार को सपा कार्यकर्ता पार्टी के जिला कार्यालय के आसपास एकत्र हुए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने प्रस्तावित मार्च को सपा जिला कार्यालय पर ही रोक दिया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंककर अपना विरोध जताया। सपा नेताओं का आरोप है कि निर्वाचन आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि ये समाजवादी पार्टी के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। निर्वाचन आयोग पर लगाए गए आरोपों को आयोग के पक्ष के साथ देखा जाना जरूरी है!
पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा। स्थानीय रिपोर्ट में प्रदर्शन कर रहे सपा नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध केवल हापुड़ तक सीमित नहीं है। हाल के दिनों में दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में भी उनके इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर प्रदर्शन हुए हैं। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।
हापुड़ में सपा नेताओं का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका अभियान जारी रहेगा। वहीं प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए नेताओं की संख्या और उनके खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई किए जाने के संबंध में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।