हापुड़: अग्रवाल महासभा चुनाव में सरकारी होर्डिंग्स पर अवैध पोस्टर

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हापुड़: अग्रवाल महासभा चुनाव प्रचार में सरकारी होर्डिंग और पुलिस बैनरों पर चिपकाए पोस्टर, उठे सवाल

Sep 21, 2026
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हापुड़। अग्रवाल महासभा के त्रैवार्षिक चुनाव को लेकर शहर में चले प्रचार के बीच मेरठ तिराहे पर सरकारी होर्डिंग और पुलिस के यातायात जागरूकता बैनरों पर प्रत्याशियों के पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। सार्वजनिक स्थानों पर लगे इन पोस्टरों को लेकर नियमों के पालन और संबंधित विभागों की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।

अग्रवाल महासभा का मतदान 20 सितंबर को हुआ, जिसमें 5,837 मतदाताओं में से 4,523 ने मतदान किया। चुनाव के दौरान शहर में विभिन्न प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की प्रचार सामग्री भी लगाई गई थी।

सरकारी होर्डिंग पोल पर लगाए गए प्रचार पोस्टर

स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के अनुसार मेरठ तिराहे पर लगे एक सरकारी प्रचार होर्डिंग, जिस पर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप से संबंधित प्रचार सामग्री लगी थी, उसके पोल और आसपास के हिस्से पर अग्रवाल महासभा चुनाव से जुड़े प्रत्याशियों के पोस्टर लगाए गए।

इन पोस्टरों के कारण सरकारी प्रचार सामग्री का हिस्सा ढकने की बात सामने आई है। हालांकि संबंधित विभाग की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पोस्टर लगाने के लिए किसी प्रकार की अनुमति ली गई थी या नहीं।

पुलिस के ट्रैफिक जागरूकता बैनर भी पोस्टरों से ढके

मामला केवल सरकारी होर्डिंग तक सीमित नहीं है। मेरठ तिराहे पर वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लगाए गए हापुड़ पुलिस और यातायात विभाग के बैनरों पर भी चुनाव प्रचार के बड़े पोस्टर लगाए जाने की बात सामने आई है।

इससे बैनरों पर लिखी यातायात संबंधी जानकारी का हिस्सा ढक गया। स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक जागरूकता के लिए लगाए गए बैनरों पर निजी चुनाव प्रचार सामग्री लगाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं।

शहर के प्रमुख तिराहे पर प्रचार सामग्री को लेकर सवाल

मेरठ तिराहा हापुड़ के व्यस्त स्थानों में शामिल है। चुनाव के दौरान मेरठ रोड क्षेत्र में बड़ी संख्या में समर्थक और वाहन जुटे थे तथा मतदान केंद्र के बाहर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी थी।

ऐसे में सार्वजनिक और सरकारी प्रचार स्थलों पर प्रत्याशियों के पोस्टर लगाए जाने के मामले ने संबंधित विभागों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित पोस्टर किस प्रत्याशी या समर्थक द्वारा लगाए गए और इनके लिए किसी विभाग से अनुमति ली गई थी या नहीं। पोस्टर हटाने अथवा किसी प्रकार की कार्रवाई को लेकर भी प्रशासन या पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऐसे में बिना आधिकारिक जांच के इसे सीधे किसी प्रत्याशी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाना नहीं कहा जा सकता। संबंधित विभाग की जांच या प्रतिक्रिया के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

manish kumar
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manish kumar
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