ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जिले के जारचा थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव के पास स्थित एनटीपीसी-दादरी रेल सेक्शन पर रेलवे की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे कोयले से लदी एक मालगाड़ी रेलवे ट्रैक से गुजर गई, लेकिन उस दौरान रेलवे फाटक खुला रहा। फाटक खुला होने के कारण स्कूल वैन, बाइक सवार, पैदल राहगीर और अन्य वाहन रेलवे लाइन पार करने के लिए आगे बढ़ रहे थे। गनीमत रही कि लोगों ने समय रहते मालगाड़ी को आते हुए देख लिया और रुक गए, जिससे एक बड़ा रेल हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मालगाड़ी के गुजरने के समय फाटक बंद नहीं किया गया था, जबकि सामान्य प्रक्रिया के अनुसार ट्रेन के आने से पहले रेलवे फाटक बंद कर दिया जाता है ताकि लोगों और वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। घटना के दौरान कई लोग रेलवे ट्रैक पार करने की तैयारी में थे। यदि किसी ने समय रहते ट्रेन को नहीं देखा होता, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।
घटना स्थल के आसपास दो विद्यालय स्थित हैं, जहां छुट्टी के समय बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और स्कूल वाहन इस रेलवे फाटक से होकर गुजरते हैं। ऐसे में फाटक खुला रहने की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग अत्यंत व्यस्त रहता है और यहां सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि इस तरह की लापरवाही दोबारा हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की है।
स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि फाटक संचालन व्यवस्था की समीक्षा की जाए, कर्मचारियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा ऐसे संवेदनशील रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उनका कहना है कि स्कूलों के आसपास स्थित रेलवे फाटकों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है ताकि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, घटना ने रेलवे फाटक संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।