गाजीपुर (उत्तर प्रदेश)।
गाजीपुर सदर तहसील क्षेत्र की रहने वाली गुड़िया सिंह, जो स्वयं को 100 प्रतिशत दिव्यांग बताती हैं, ने अपने आवागमन के रास्ते को पड़ोसी द्वारा कथित रूप से अवरुद्ध किए जाने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि रास्ता बाधित होने के कारण उन्हें आने-जाने में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुड़िया सिंह के अनुसार, वह अपनी समस्या को लेकर कई बार जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच चुकी हैं और प्रार्थना पत्र भी दे चुकी हैं, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
मुख्यमंत्री से मिलने दो बार लखनऊ जाने का दावा
गुड़िया सिंह का कहना है कि समस्या के समाधान की उम्मीद में वह दो बार लखनऊ भी जा चुकी हैं, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास किया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।
उनका कहना है कि दिव्यांग होने के कारण आवागमन पहले से ही कठिन है और रास्ते में कथित अवरोध के कारण उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
राजस्व टीम पर लगाए गंभीर आरोप
महिला का आरोप है कि शिकायत के बाद सदर तहसील की राजस्व टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया जा सका।
गुड़िया सिंह ने आरोप लगाया कि मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार के पास किसी व्यक्ति का फोन आने के बाद वह कार्रवाई पूरी किए बिना वापस चले गए। महिला ने इसे विपक्षी पक्ष के कथित दबाव से जोड़ते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित राजस्व अधिकारियों अथवा दूसरे पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है।
उच्च अधिकारी से स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग
गुड़िया सिंह ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की गंभीरता और उनकी दिव्यांगता को देखते हुए किसी उच्च अधिकारी से मौके का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए।
उन्होंने प्रशासन से आबादी के रास्ते की वास्तविक स्थिति, राजस्व अभिलेख और मौके की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराकर नियमानुसार रास्ते से अवरोध हटवाने और आवागमन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
फिलहाल महिला की शिकायत और अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच और संबंधित पक्षों का बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।