गंगा का जलस्तर घटा, राहत के संकेत; जनजीवन अब भी प्रभावित

Kanpur Nagar

गंगा का जलस्तर घटा, राहत के संकेत

Oct 5, 2026
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कानपुर। गंगा नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज होने से कानपुर और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत के संकेत मिलने लगे हैं। 5 अक्टूबर की सुबह 8 बजे कानपुर बैराज पर अपस्ट्रीम जलस्तर 114.230 मीटर और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 113.820 मीटर दर्ज किया गया। इस दौरान गंगा में 3,62,559 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया।

उन्नाव गंगा घाट पर भी जलस्तर में कमी का रुख बताया गया है। यहां गंगा का जलस्तर 112.790 मीटर दर्ज किया गया। कानपुर बैराज और उन्नाव गंगा घाट दोनों स्थानों पर जलस्तर का ट्रेंड घटने की ओर होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को आने वाले समय में स्थिति सुधरने की उम्मीद है।

हालांकि नदी का जलस्तर कम होना शुरू होने के बावजूद बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। कई क्षेत्रों में पानी और जलभराव के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामों और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन और राहत कार्यों के लिए 40 से अधिक नावें लगाए जाने की जानकारी है। नावों के माध्यम से जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही और आवश्यक सहायता पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

बाढ़ के कारण कई इलाकों में सड़क, बिजली, पेयजल और यातायात से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। जलभराव और खराब रास्तों के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित है। कुछ क्षेत्रों में लोगों को जरूरी कामों के लिए भी सुरक्षित रास्तों और नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा का जलस्तर कम होना राहत की बात है, लेकिन उनकी समस्याएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। बाढ़ और जलभराव से प्रभावित सड़कों की स्थिति सुधारने, बिजली आपूर्ति सामान्य करने और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है।

प्रभावित लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीनी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। साथ ही राहत कार्यों को और तेज करने तथा पानी उतरने के बाद साफ-सफाई और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की बहाली पर ध्यान देने की मांग की गई है।

गंगा के जलस्तर में गिरावट फिलहाल राहत का संकेत जरूर है, लेकिन बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है। पानी कम होने के साथ प्रशासन के सामने प्रभावित इलाकों में आवागमन, बिजली, सड़क और पेयजल जैसी सुविधाओं को सामान्य करने की चुनौती बनी हुई है।

Rahul Dwivedi
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Rahul Dwivedi
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