फिरोजाबाद। चेहल्लुम के अवसर पर फिरोजाबाद के मोहल्ला कोटला स्थित शिया इमामबाड़ा से मंगलवार शाम पारंपरिक मजलिस एवं मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान शिया समुदाय के लोगों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में गम का इजहार करते हुए मातम किया।
मोहर्रम के 40वें दिन मनाए जाने वाले चेहल्लुम के अवसर पर शाम करीब 5 बजे से शिया इमामबाड़े और विभिन्न स्थानों पर मजलिसों का आयोजन शुरू हुआ। मजलिस में बुजुर्ग, नौजवान, महिलाएं और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया तथा कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद शाम करीब 7:30 बजे शिया समुदाय का मातमी जुलूस मोहल्ला कोटला शिया इमामबाड़ा से प्रारंभ हुआ। जुलूस में शामिल अकीदतमंद "या हुसैन, या हुसैन" के नारे लगाते हुए मातम करते चले। जुलूस अर्शी स्कूल, पत्थर वाली गली, मुंशीफी रोड और लंबी गली कोटला से होकर पुनः शिया इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ।
चेहल्लुम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए। नगर पुलिस अधीक्षक रविशंकर प्रसाद, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह तथा थाना दक्षिण प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल पूरे जुलूस मार्ग पर तैनात रहा और कार्यक्रम को शांतिपूर्वक संपन्न कराया।
कार्यक्रम के समापन पर करबला कमेटी के अध्यक्ष हिकमत उल्ला खान और शिया समुदाय के अध्यक्ष मंसूर अहमद रिजवी ने जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन के सहयोग से चेहल्लुम का जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर एलआईयू अधिकारी अवनीश, मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष इकबाल अहमद वारसी, शहजादुद्दीन (बबलू मियां), मजहर नागवी, वारिस अली, लियाकत अली, इस्तखार जाफरी, जहीर अब्बास, राजा जाफरी, प्रिंस जाफरी, रईस अब्बास, तारीख अली, शाहबाज अली, ताबिश अली सहित शिया समुदाय के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।