फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने 10 वर्षीय बच्चे की हत्या के मामले में न्याय की गुहार लगाने की तैयारी कर रहे एक परिवार और पुलिस के बीच विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस ने परिवार को घर से निकलने से रोका और विरोध करने पर परिजनों के साथ अभद्रता व मारपीट की। जहानगंज थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी पर परिवार की महिला सुनीता को बाल पकड़कर जमीन पर गिराने का आरोप लगाया गया है। घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
मामला जहानगंज थाना क्षेत्र के कोरीखेड़ा गांव का बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार पिछले कई महीनों से 10 वर्षीय आशुतोष की हत्या के मामले में कार्रवाई की मांग कर रहा है।
10 वर्षीय आशुतोष की हत्या में न्याय मांग रहा परिवार
परिवार के मुताबिक, करीब दस महीने पहले 10 वर्षीय आशुतोष का अपहरण हुआ था। अपहरण के कुछ दिन बाद उसका शव मिला था। परिजनों का आरोप है कि लंबा समय बीतने के बावजूद हत्या के मामले का संतोषजनक खुलासा नहीं हो सका और आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
इसी को लेकर परिवार लगातार अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहा है।
CM योगी से मिलने की तैयारी कर रहा था परिवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 3 सितंबर को फर्रुखाबाद दौरे पर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के जिले में आने की जानकारी मिलने पर पीड़ित परिवार उनसे मिलकर बच्चे की हत्या के मामले में कार्रवाई की मांग करना चाहता था।
आरोप है कि परिवार के मुख्यमंत्री से मिलने जाने की जानकारी मिलने पर पुलिस उनके गांव पहुंच गई और उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया।
महिला को बाल पकड़कर जमीन पर गिराने का आरोप
परिवार का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने पर स्थिति बिगड़ गई। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और परिवार के सदस्यों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
आरोप है कि थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी ने सुनीता को बाल पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
परिजनों का दावा- पहले से अस्वस्थ थीं सुनीता
पीड़ित परिवार का कहना है कि सुनीता की तबीयत पहले से खराब थी और वह कुछ समय पहले ही अस्पताल से उपचार के बाद घर लौटी थीं। ऐसे में उनके साथ कथित मारपीट को लेकर परिवार ने नाराजगी जाहिर की है।
परिजनों का कहना है कि वे केवल बच्चे की हत्या के मामले में न्याय की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे।
पुलिस अधिकारियों ने शुरू कराई जांच
वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा है। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह के मुताबिक, वायरल वीडियो प्राप्त हुआ है और मामले की जांच सीओ मोहम्मदाबाद से कराई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बच्चे की हत्या के मामले में भी न्याय की मांग
पीड़ित परिवार की मुख्य मांग आशुतोष की हत्या के मामले का खुलासा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई है। परिवार का कहना है कि वह पहले भी अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रख चुका है।
अब एक तरफ बच्चे की हत्या की जांच को लेकर परिवार सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी तरफ 3 सितंबर को परिवार और पुलिस के बीच हुए घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद पुलिसकर्मियों के व्यवहार की भी जांच की जा रही है।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही वायरल वीडियो से जुड़े आरोपों और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट और महिला को बाल पकड़कर गिराने संबंधी बातें पीड़ित परिवार के आरोपों एवं वायरल वीडियो से जुड़ी रिपोर्टों पर आधारित हैं। पुलिस विभाग ने मामले की जांच शुरू कराई है; जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।