एटा मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत, परिजनों ने ऑक्सीजन को लेकर लगाए आरोप

Etah

एटा: मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत पर हंगामा!

Sep 1, 2026
0 Likes
4
undefined minute read
Speak Loud
 0
14px16px18px20px22px24px
Save
Likes

मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत पर हंगामा, परिजनों का आरोप- बिना ऑक्सीजन वाली एंबुलेंस से वार्ड में भेजा

एटा। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान लालाराम नामक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए चिकित्सकीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि मरीज को इमरजेंसी से दूसरे वार्ड में शिफ्ट करते समय ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं की गई और इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ गई।

हालांकि, मरीज की मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण क्या था और शिफ्टिंग के दौरान ऑक्सीजन उपलब्ध थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

सुबह करीब 9 बजे मेडिकल कॉलेज में कराया था भर्ती

मृतक के परिजनों के अनुसार, लालाराम की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें सुबह करीब 9 बजे एटा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।

परिजनों का कहना है कि लालाराम को सांस लेने में परेशानी हो रही थी और उनका ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ बताया जा रहा था। इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार के लिए ले जाया गया।

दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने के दौरान लापरवाही का आरोप

परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में उपचार के बाद चिकित्सकों ने लालाराम को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने का निर्णय लिया।

आरोप है कि मरीज को जिस एंबुलेंस के जरिए दूसरे वार्ड में भेजा गया, उसमें ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। परिजनों का दावा है कि इसी दौरान मरीज की हालत गंभीर हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई।

मरीज की मौत के बाद इमरजेंसी पर हंगामा

लालाराम की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के पास हंगामा किया।

परिजनों ने चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की। मृतक की परिजन मीरा देवी ने भी मरीज को ऑक्सीजन नहीं मिलने का आरोप लगाया है।

जांच से स्पष्ट होगा मौत का वास्तविक कारण

फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन अथवा संबंधित चिकित्सकों का विस्तृत पक्ष भी सामने आना बाकी है।

मरीज की मेडिकल स्थिति, इलाज के दौरान दिए गए उपचार, ऑक्सीजन सपोर्ट और एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने की परिस्थितियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की मौत किन कारणों से हुई और इलाज या शिफ्टिंग के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन का पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

बाइट: मीरा देवी, मृतक की परिजन

Share :