आगरा (अकोला)। ग्राम चिरमोली में पिछले लगभग 20 वर्षों से जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को भारतीय किसान मजदूर यूनियन भारत के नेतृत्व में गांव से विकास खंड अकोला तक पैदल मार्च निकालकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समस्या का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों के अनुसार, वाल्मीकि बस्ती और जाटव बस्ती में वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। बरसात के मौसम में घरों, गलियों और मुख्य रास्तों में पानी भर जाने से लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवाजाही में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, वहीं गंदा पानी जमा रहने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें एवं ज्ञापन सौंपे, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। लगभग एक माह पूर्व जिलाधिकारी आगरा को भी ज्ञापन दिया गया था, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन की कथित उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने भारतीय किसान मजदूर यूनियन भारत के तहसील अध्यक्ष चौधरी वीरपाल सिंह चाहर के नेतृत्व में चिरमोली से विकास खंड अकोला तक पैदल मार्च निकाला। मार्च में सैकड़ों ग्रामीणों के साथ संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। विकास खंड परिसर पहुंचने के बाद सभी ने समस्या के समाधान तक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धरने को संबोधित करते हुए भारतीय किसान मजदूर यूनियन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि चिरमोली की वाल्मीकि और जाटव बस्ती के लोग दो दशकों से जलभराव की समस्या झेल रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन शीघ्र कार्रवाई नहीं करता है तो संगठन इस आंदोलन को पूरे जनपद तक विस्तारित करेगा और आवश्यकता पड़ने पर जिला मुख्यालय तथा शासन स्तर पर भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन में आगरा मंडल अध्यक्ष चौधरी हैमबीर सिंह, जिलाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह, उत्तर प्रदेश प्रभारी सुरेंद्र सिंह फौजी, युवा जिलाध्यक्ष कन्हैया सक्सेना, तेजवीर सिंह, धर्मेंद्र चौधरी, छितरिया सिंह, गौरी शंकर, अमर सिंह, गिरीश कुमार, विष्णु चौधरी, सुरेश कुमार, सुखबीर सिंह, बने सिंह, मानिकचंद, बबीता सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि जब तक जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
नोट: प्रशासन की निष्क्रियता और अन्य आरोप प्रदर्शनकारियों एवं संगठन के पदाधिकारियों द्वारा लगाए गए हैं। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया आना शेष है।