आगरा। फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा को शुक्रवार को उनके पैतृक गांव नगला देवहंस में अंतिम विदाई दी गई। अंतिम दर्शन के लिए आगरा स्थित आवास से लेकर गांव तक बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा की। गांव में भीड़ बढ़ने से आगरा–फतेहाबाद मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। सांसद राजकुमार चाहर समेत कई जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
गुरुवार को नोएडा में हुआ था निधन
चार बार विधायक चुने गए छोटेलाल वर्मा ने गुरुवार को नोएडा के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही फतेहाबाद क्षेत्र में शोक फैल गया। समर्थक और परिचित आगरा स्थित उनके आवास पर पहुंचने लगे। शुक्रवार सुबह पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
आगरा से नगला देवहंस तक उमड़ी भीड़
आवास से पार्थिव शरीर को रथ पर रखकर पैतृक गांव नगला देवहंस ले जाया गया। अंतिम यात्रा जिस रास्ते से गुजरी, वहां लोग सड़क किनारे खड़े होकर विधायक के अंतिम दर्शन करते रहे। कई स्थानों पर फूल बरसाए गए। रास्ते में उमड़ी भीड़ के कारण काफिले को गांव पहुंचने में अधिक समय लगा।
नगला देवहंस में भी सुबह से लोग पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे थे। रथ के गांव पहुंचने पर अंतिम दर्शन के लिए भीड़ बढ़ गई। आसपास के मार्गों पर वाहनों की कतारें लग गईं और पुलिस को यातायात व्यवस्थित करने में मशक्कत करनी पड़ी।
छतों से महिलाओं ने बरसाए फूल
अंतिम यात्रा के दौरान कई घरों की छतों पर महिलाएं खड़ी दिखाई दीं। पार्थिव शरीर लेकर जा रहे रथ पर उन्होंने फूल बरसाकर छोटेलाल वर्मा को विदाई दी। नगला देवहंस में भी बड़ी संख्या में महिलाएं अंतिम दर्शन के लिए पहुंचीं। पूरे गांव में शोक का माहौल रहा।
भावुक हुए सांसद राजकुमार चाहर
अंतिम यात्रा में शामिल सांसद राजकुमार चाहर भी भावुक हो गए। उन्होंने छोटेलाल वर्मा के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि उनके निधन से उन्होंने अपना एक बाजू खो दिया है। चाहर ने उन्हें जमीन से जुड़ा नेता बताया, जो लोगों से सीधे संवाद करते थे।
महेंद्र वर्मा ने दी मुखाग्नि
पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां की गई थीं। पुलिस गार्द की सलामी के बाद विधायक के सबसे छोटे पुत्र महेंद्र वर्मा ने मुखाग्नि दी। इस दौरान परिजन, समर्थक और ग्रामीण भावुक हो उठे।
क्षेत्र के कई लोग छोटेलाल वर्मा को स्नेह से ‘बाबूजी’ कहते थे। अंतिम यात्रा में आए ग्रामीणों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वह लोगों की समस्याएं सुनने के लिए सहजता से उपलब्ध रहते थे। अंतिम दर्शन के लिए जुटी भीड़ ने क्षेत्र में उनके प्रति लोगों के लगाव को दिखाया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम विदाई में सांसद राजकुमार चाहर, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय, पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर, पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह और जितेंद्र वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्रीय लोग शामिल हुए। सभी ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।