जनपद लखीमपुर खीरी के पसगवां में "हिम्मत और हौसले के आगे उफनती नदियां भी अपना रास्ता बदल लेती हैं" - इसे मुल्लापुर निवासी रामू कश्यप और यूडीसीए स्कूल के छात्र प्रशांत ने सच कर दिखाया। दोनों के साहस, सूझबूझ की बदौलत तेज बहाव में बह रही बोलेरो में फंसे पांच मासूम बच्चों को एक नया जीवन मिल गया है।
दरअसल, बीते दिनों आए चक्रवाती तूफान से हुई मूसलाधार बारिश के चलते पसगवां के मुल्लापुर के पास छोहा नदी उफान पर थी। इसी दौरान मोहम्मदी के यूडीसीए स्कूल के पांच बच्चों को लेकर जा रही एक बोलेरो गाड़ी अचानक पानी के तेज बहाव में बहकर बीच धार में फंस गई। पानी में डूबी गाड़ी, चीख-पुकार मची
गाड़ी धीरे-धीरे डूबने लगी और अंदर बैठे बच्चे चीखने-पुकारने लगे। किनारे खड़े लोग मदद के लिए चिल्ला तो रहे थे, लेकिन उफनते पानी में उतरने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा था।
तभी किनारे पर मछली पकड़ रहे रामू कश्यप ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी। वहीं बोलेरो में सवार छात्र प्रशांत ने भी घबराने के बजाय साहस दिखाया। प्रशांत ने अंदर से अपने सहपाठियों का हाथ पकड़कर उन्हें हिम्मत बंधाई। रामू ने तैरकर गाड़ी तक पहुंचकर खिड़की खोली, जिसके बाद प्रशांत की मदद से एक-एक कर सभी पांचों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्राम प्रधान सविता ने किया सम्मानित
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने रामू की बहादुरी और प्रशांत की सूझबूझ की जमकर सराहना की। मुल्लापुर ग्राम प्रधान सविता मिश्रा ने रामू कश्यप को नकद धनराशि व शील्ड देकर सम्मानित किया। वहीं, मौके पर पहुंचे विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि मुन्फ्फरपुर से मुल्लापुर तक सीसी रोड और पुलिया निर्माण का टेंडर हो चुका है, जल्द ही काम शुरू होगा।
दूसरी ओर, इस हादसे ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर किया है। परिजनों और बच्चों का आरोप है कि यदि स्कूल प्रशासन अपनी बस भेजता तो यह हादसा न होता। हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने इसे निजी वाहन बताकर पल्ला झाड़ लिया है, जिससे आक्रोशित बच्चों ने स्कूल वाहन न आने तक स्कूल न जाने की बात कही है।