चरथावल (मुजफ्फरनगर)। थाना क्षेत्र के रोनी हरजीपुर गांव के जंगल में तेंदुए की मौजूदगी के दावों के बीच वन विभाग की चार टीमों ने सोमवार को ग्रामीणों के साथ करीब सात घंटे तक सघन सर्च अभियान चलाया। जंगल का चप्पा-चप्पा खंगालने के बावजूद तेंदुए का कोई सुराग नहीं लग सका। उसकी गतिविधियों पर नजर रखने और पकड़ने के प्रयास में वन विभाग ने जंगल में चार पिंजरे और चार CCTV कैमरे लगाए हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि रोनी हरजीपुर के जंगल में करीब एक वर्ष से तेंदुआ दिखाई दे रहा है। पिछले सप्ताह दो बार तेंदुआ देखे जाने की सूचना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में फिर से दहशत बढ़ गई। ग्रामीण पूर्व में भी तेंदुए को पकड़ने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। वन विभाग की ओर से पहले भी जंगल में पिंजरे लगाए गए थे, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया।
अकेले जंगल जाने से बच रहे किसान
तेंदुए की मौजूदगी की आशंका के चलते किसानों ने अकेले जंगल में जाना कम कर दिया है। ग्रामीण बच्चों को भी रास्तों पर अकेले भेजने से बच रहे हैं। पिछले दो दिनों से वन विभाग की टीमें गांव और आसपास के जंगल में डेरा डालकर निगरानी कर रही हैं।
सात घंटे चला सर्च अभियान
क्षेत्रीय वन अधिकारी आदित्य सोनकर ने बताया कि सोमवार को वन विभाग की चार टीमों ने ग्रामीणों के साथ करीब सात घंटे तक जंगल में सर्च अभियान चलाया। दर्जनों वनकर्मियों और ग्रामीणों ने जंगल में तलाश की, लेकिन तेंदुआ नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जंगल में चार CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जबकि उसे पकड़ने के लिए चार पिंजरे लगाए गए हैं। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही है।
ग्रामीणों से अकेले जंगल न जाने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और स्थिति स्पष्ट होने तक अकेले जंगल में नहीं जाने की अपील की है। अभियान में क्षेत्रीय वन अधिकारी आदित्य सोनकर के साथ दीपक कुमार, विक्रम साहू, सागर कुमार और संजीव कुमार समेत दर्जनों कर्मचारी शामिल रहे। वन विभाग की टीम अभी भी क्षेत्र में निगरानी कर रही है।
रिपोर्टर: अनिल पुंडीर | NHP Bharat News, चरथावल, मुजफ्फरनगर