चरथावल में रक्षाबंधन की धूम, बिरालसी-पिलखनी में बहनों ने भाइयों को बांधी राखी

Muzaffarnagar

चरथावल क्षेत्र में रक्षाबंधन की धूम: बिरालसी, पिलखनी समेत आसपास के गांवों में बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र

Aug 29, 2026
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मुजफ्फरनगर/चरथावल। जनपद मुजफ्फरनगर के कस्बा चरथावल क्षेत्र में भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। बिरालसी न्याय पंचायत क्षेत्र, पिलखनी समेत आसपास के कई गांवों में सुबह से ही त्योहार को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। घरों में रक्षाबंधन की तैयारियां हुईं तो बाजारों और राखी की दुकानों पर भी चहल-पहल बनी रही।

बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा प्रेम और विश्वास का रक्षा सूत्र

रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं और मिठाई खिलाकर उनके सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की कामना की। भाइयों ने भी अपनी बहनों को उपहार एवं धनराशि भेंट कर उनके प्रति स्नेह व्यक्त किया और जीवन की हर परिस्थिति में उनका साथ देने तथा उनकी सुरक्षा और सम्मान का संकल्प लिया।

सुबह से ही गांवों के घर-आंगन रक्षाबंधन के रंग में रंगे नजर आए। परिवारों में विशेष पकवान और मिठाइयां तैयार की गईं। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में त्योहार को लेकर उत्साह देखने को मिला। भाई-बहनों के बीच राखी बांधने, तिलक लगाने और मिठाई खिलाने की परंपरा ने पारिवारिक माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया।

बिरालसी और पिलखनी समेत आसपास के गांवों में उत्साह

बिरालसी न्याय पंचायत क्षेत्र के साथ पिलखनी एवं चरथावल क्षेत्र के अन्य गांवों में भी रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही बहनें भाइयों के घर पहुंचने लगीं। वहीं, परिवार और रोजगार के कारण एक-दूसरे से दूर रहने वाले कई भाई-बहन भी रक्षाबंधन मनाने के लिए अपने घर और गांव पहुंचे।

लंबे समय बाद भाई-बहनों और परिवार के सदस्यों के एक साथ मिलने से कई घरों में उत्सव जैसा माहौल रहा। बहनों ने विधि-विधान से भाइयों को तिलक लगाया, राखी बांधी और मुंह मीठा कराया। भाइयों ने भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार बहनों को उपहार देकर इस रिश्ते को और मजबूत बनाया।

राखी की दुकानों पर रही चहल-पहल

त्योहार को लेकर स्थानीय बाजार और गांवों में लगी राखी की दुकानों पर भी अच्छी चहल-पहल देखने को मिली। बहनों ने भाइयों के लिए अलग-अलग डिजाइन और रंगों की राखियां खरीदीं। बच्चों के लिए आकर्षक राखियों से लेकर पारंपरिक रक्षा सूत्र तक की मांग रही। रंग-बिरंगी राखियों से सजी भाइयों की कलाइयां त्योहार की खुशियों को बयां करती नजर आईं।

आपसी प्रेम और पारिवारिक एकता का दिया संदेश

रक्षाबंधन का पर्व केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने की परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच विश्वास, स्नेह, जिम्मेदारी और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भी प्रतीक माना जाता है। चरथावल क्षेत्र के गांवों में भी इस पर्व के माध्यम से आपसी प्रेम, भाईचारे और पारिवारिक एकता का संदेश देखने को मिला।

बहनों ने ईश्वर से अपने भाइयों की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की, जबकि भाइयों ने बहनों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने का संकल्प लिया।

कच्चे धागे से बनी यह पक्की डोर भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास की पहचान है। राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का प्रतीक है।

रिपोर्ट: अनिल पुंडीर | NHP भारत NEWS | चरथावल, मुजफ्फरनगर

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