बस्ती में फिर बढ़ने लगी सरयू नदी, कटान तेज; तटीय गांवों पर बढ़ा खतरा, किसानों की चिंता बढ़ी

Basti

बस्ती में फिर बढ़ने लगी सरयू, कटान ने बढ़ाई चिंता; तटीय गांवों पर मंडराया खतरा, किसानों को चारे की भी फिक्र

Aug 2, 2026
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बस्ती | NHP Bharat Published By: Ramraj Tiwari

बस्ती जिले में सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है, जिससे तटीय क्षेत्रों में बाढ़ और कटान का खतरा गहराने लगा है। नदी की तेज धारा लगातार किनारों को काट रही है और निचले इलाकों की ओर पानी बढ़ने से ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि फिलहाल बाढ़ का पानी आबादी वाले क्षेत्रों तक नहीं पहुंचा है, लेकिन प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए निगरानी तेज कर दी है।

मांझा क्षेत्र में तेज हुआ कटान

सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर मांझा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। यहां नदी की तेज धारा लगातार कृषि भूमि, पेड़-पौधों और खड़ी फसलों को अपनी चपेट में ले रही है। कई गांवों में कटान की रफ्तार तेज होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

किसानों और पशुपालकों की बढ़ी चिंता

बढ़ते जलस्तर के कारण किसानों के साथ-साथ पशुपालकों की भी परेशानियां बढ़ने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो हरा चारा लाना मुश्किल हो जाएगा और जल्द ही नाव के सहारे चारा लाने की नौबत आ सकती है।

पशुपालकों का मानना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो पशुओं के लिए चारे का संकट भी गहरा सकता है।

खतरे के निशान से 78 सेंटीमीटर नीचे सरयू

केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या के अनुसार शुक्रवार शाम 5 बजे सरयू नदी का जलस्तर 91.950 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 78 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

बाढ़ चौकियां सक्रिय, प्रशासन अलर्ट

संभावित बाढ़ और कटान को देखते हुए दुबौलिया क्षेत्र के कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खलवा तथा गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पारा गांव स्थित बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।

बाढ़ खंड के अधिकारी संवेदनशील तटबंधों और कटान प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

इन गांवों में सबसे ज्यादा कटान

जानकारी के अनुसार विक्रमजोत क्षेत्र के पकड़ी संग्राम, अर्जुनपुर और लकड़ी पांडेय गांवों में कटान सबसे अधिक तेज हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर नदी की धारा घरों से मात्र 10 से 15 मीटर की दूरी तक पहुंच चुकी है।

इससे लोगों में दहशत का माहौल है और वे अपने घरों व खेती योग्य भूमि को लेकर चिंतित हैं।

ग्रामीणों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

तटीय गांवों के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कटान प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द कटानरोधी कार्य शुरू कराया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बड़ी संख्या में मकान, उपजाऊ कृषि भूमि और पेड़-पौधे सरयू नदी में समा सकते हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगातार निगरानी बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव की अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

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