मरीजों के सुरक्षित परिवहन के लिए परिवहन विभाग ने चलाया अभियान, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा और अन्य दस्तावेजों की हुई जांच
बिजनौर। मरीजों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एंबुलेंस वाहनों की जांच का अभियान चलाया। इस दौरान वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की वैधता जांची गई। अभियान में कुल 22 एंबुलेंस वाहनों के विरुद्ध सीजर एवं चालान की कार्रवाई की गई।
एआरटीओ ने गठित कीं दो टीमें
अभियान के लिए एआरटीओ महेश शर्मा ने दो प्रवर्तन टीमों का गठन किया। एक टीम का नेतृत्व उन्होंने स्वयं किया, जबकि दूसरी टीम का नेतृत्व पीटीओ मुन्ना लाल ने किया।
टीमों ने बिजनौर, धामपुर, नगीना रोड, नजीबाबाद और नूरपुर में एंबुलेंस वाहनों को रोककर जांच की। कार्रवाई के दौरान वाहनों के दस्तावेजों और सुरक्षित संचालन से संबंधित आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस नहीं रोकी गईं
जांच के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा गया। टीमों ने केवल उन्हीं एंबुलेंस को रोका, जो खाली थीं और जिनमें कोई मरीज नहीं था।
विभागीय टीमों ने चालकों को समझाया कि एंबुलेंस में पहले से अस्वस्थ व्यक्ति यात्रा करता है। ऐसे में वाहन में तकनीकी कमी या रखरखाव की अनदेखी से मरीज की परेशानी और बढ़ सकती है। इसलिए वाहन को सुरक्षित और व्यवस्थित स्थिति में रखना आवश्यक है।
फिटनेस और बीमा की वैधता पर विशेष जोर
चेकिंग के दौरान एंबुलेंस के फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। अभियान में कुल 22 वाहनों पर सीजर और चालान की कार्रवाई हुई। हालांकि, इनमें कितने वाहन सीज किए गए और कितनों का चालान हुआ, इसका अलग-अलग विवरण उपलब्ध नहीं है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग के अनुसार, मरीजों के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। एंबुलेंस चालकों को वाहन की फिटनेस बनाए रखने, बीमा और अन्य दस्तावेज समय पर नवीनीकृत कराने तथा सुरक्षित संचालन की जिम्मेदारी निभाने के लिए जागरूक किया गया।