बिजनौर के थाना कोतवाली देहात में चला अवैध रूप से कटी कॉलोनी

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बिजनौर: कोतवाली देहात में कथित अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर कार्रवाई, निर्माण का हिस्सा ध्वस्त

Oct 3, 2026
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पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने की कार्रवाई; कॉलोनी का संबंध इमरान कुरैशी से होने का दावा

बिजनौर। थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में कथित अवैध कॉलोनी में निर्माण के खिलाफ शनिवार सुबह प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से निर्माण का एक हिस्सा ध्वस्त कराया। कार्रवाई के दौरान आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुट गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित स्थल पर आवश्यक अनुमति के बिना निर्माण किए जाने की शिकायत प्रशासन तक पहुंची थी। इसके बाद मौके पर निरीक्षण और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

प्रशासनिक टीम जेसीबी मशीन और पुलिस बल के साथ संबंधित स्थल पर पहुंची। यहां निर्माण के हिस्से को गिराया गया। मौके पर जुटी भीड़ के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे।

हालांकि, उपलब्ध विवरण में कार्रवाई करने वाले विभाग, ध्वस्तीकरण आदेश, पूर्व नोटिस और संबंधित अनुमति संबंधी दस्तावेजों की जानकारी नहीं दी गई है।

इमरान कुरैशी से कॉलोनी का संबंध होने का दावा

स्थानीय स्तर पर संबंधित कॉलोनी का संबंध जिला पंचायत सदस्य के पति इमरान कुरैशी से होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि क्षेत्र में नियमों के विपरीत कॉलोनी विकसित की जा रही थी और इसकी शिकायत प्रशासन से की गई थी।

कॉलोनी के स्वामित्व और इमरान कुरैशी की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में उनका पक्ष भी सामने नहीं आया है।

अन्य शिकायतों की जांच का भी दावा

इमरान कुरैशी के खिलाफ प्लॉटों पर कब्जे और अवैध वसूली जैसी शिकायतें किए जाने तथा पुलिस स्तर पर जांच होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों से संबंधित शिकायतों, प्राथमिकी या जांच की स्थिति का आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।

इन आरोपों और निर्माण ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई के बीच संबंध की भी पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए ध्वस्तीकरण को किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए अन्य आरोपों का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

आधिकारिक विवरण का इंतजार

कार्रवाई का कानूनी आधार, संबंधित जमीन का स्वामित्व और निर्माण की अनुमति की स्थिति स्पष्ट होने के लिए प्रशासन का विस्तृत पक्ष आवश्यक है। उपलब्ध जानकारी में प्रशासनिक अधिकारियों का नाम अथवा लिखित बयान शामिल नहीं है।

संबंधित विभाग और आरोपित पक्ष का जवाब मिलने पर खबर में उनका पक्ष भी शामिल किया जाएगा।

Shadab Idreeshi
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Shadab Idreeshi
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