जलीलपुर क्षेत्र के अकोंधा गांव से न्यायिक सेवा तक का सफर; उपलब्धि पर परिवार और ग्रामीणों में खुशी
चांदपुर (बिजनौर)। जलीलपुर क्षेत्र के ग्राम अकोंधा निवासी न्यायाधीश विवेक कुमार चौधरी मध्य प्रदेश न्यायाधीश संघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को हुए संघ के चुनाव में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अरविंद शर्मा को 12 मतों के अंतर से पराजित किया। उनकी इस उपलब्धि से पैतृक गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
अकोंधा गांव से शुरू हुआ शिक्षा का सफर
विवेक कुमार चौधरी ने प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव अकोंधा से प्राप्त की। इसके बाद चांदपुर के गुलाब सिंह डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। विधि की शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने दिल्ली के तीस हजारी न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस शुरू की।
वकालत के दौरान उन्होंने न्यायिक सेवा में प्रवेश का लक्ष्य बनाया। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और सफलता के बाद वर्ष 2017-18 के दौरान मध्य प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा में प्रवेश किया।
ग्वालियर में हैं कार्यरत
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विवेक कुमार चौधरी वर्तमान में जिला एवं सत्र न्यायालय, ग्वालियर में जिला जज के पद पर कार्यरत हैं। न्यायिक सेवा में अपनी जिम्मेदारियां निभाने के साथ अब उन्हें न्यायाधीश संघ के अध्यक्ष के रूप में न्यायिक अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी भी मिली है।
चुनाव में 12 मतों के अंतर से मिली सफलता
मध्य प्रदेश न्यायाधीश संघ के 3 अक्टूबर को हुए चुनाव में विवेक कुमार चौधरी और अरविंद शर्मा के बीच अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला हुआ। विवेक कुमार चौधरी ने 12 मतों के अंतर से जीत हासिल की।
अध्यक्ष के रूप में वह संघ के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों से संबंधित विषयों और उनकी आवश्यकताओं का प्रतिनिधित्व करेंगे।
परिवार और ग्रामीणों में खुशी
विवेक कुमार चौधरी के अध्यक्ष निर्वाचित होने की जानकारी मिलने पर परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त की। स्थानीय लोगों के लिए यह गर्व का विषय है कि अकोंधा गांव से निकलकर उन्होंने न्यायिक सेवा में पहचान बनाई और अब संघ के नेतृत्व की जिम्मेदारी प्राप्त की है।
उनके दिवंगत माता-पिता संतोष देवी और ओमपाल सिंह के पारिवारिक सहयोग को भी इस सफर में याद किया गया। उनकी उपलब्धि गांव और क्षेत्र के युवाओं के लिए शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से आगे बढ़ने की प्रेरणा है।