बिजनौर के नूरपुर थाना क्षेत्र में झूठे मुकदमों में फंसाने, धमकी देने और समझौते के नाम पर 8 लाख रुपये मांगने के आरोप में सात नामजद समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ग्राम पीपला जागीर निवासी मोहम्मद अरशद की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
मोहम्मद अरशद पुत्र इरशाद ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी बहन का अपने पति के खिलाफ वर्ष 2020 में स्योहारा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। अरशद का आरोप है कि इसी मामले में समझौता करने के लिए उस पर दबाव बनाया गया और इनकार करने के बाद विवाद बढ़ता चला गया।
पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उसे अलग-अलग स्थानों पर मुकदमों में फंसाया गया। शिकायत में दावा किया गया है कि मुकदमे में फैसला कराने के नाम पर उससे 8 लाख रुपये की मांग की गई और रुपये नहीं देने पर जेल भिजवाने की धमकी दी गई। अरशद ने अपनी तहरीर में पुराने मुकदमों और न्यायालय में चल रहे मामलों का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराते हैं।
पुलिस के मुताबिक शिकायत के आधार पर गुड्डी, जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, रामकली, प्रीति, अन्नू, निसारुलहक उर्फ मलवा और फुरकान समेत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और इससे जुड़े पुराने मामलों के तथ्यों की जांच कर रही है।
पीड़ित मोहम्मद अरशद ने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच कर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस मामले में झूठे मुकदमे में फंसाने, रुपये मांगने, धमकी देने अथवा किसी संगठित गिरोह से जुड़े होने संबंधी बातें शिकायतकर्ता के आरोप हैं। केवल मुकदमा दर्ज होने से आरोप सिद्ध नहीं होते। संबंधित आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
बाइट: मोहम्मद अरशद, शिकायतकर्ता