बिजनौर: नूरपुर में बच्चे व ग्रामीणों पर हमला, मामला दर्ज

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बिजनौर के नूरपुर में 11 वर्षीय बच्चे पर हमले का आरोप, मां समेत बीच-बचाव करने आए लोगों से भी मारपीट

Oct 9, 2026
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असगरीपुर की महिला ने पुलिस को दी तहरीर, गांव के तीन लोगों समेत अन्य पर लगाए गंभीर आरोप; कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी दावा

नूरपुर (बिजनौर)। थाना नूरपुर क्षेत्र के ग्राम असगरीपुर में 11 वर्षीय बच्चे के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। बच्चे की मां ने थाना नूरपुर पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर गांव के कुछ लोगों पर उसके बेटे के साथ मारपीट करने और बीच-बचाव करने पहुंची मां एवं अन्य ग्रामीणों पर भी हमला करने का आरोप लगाया है।

पीड़ित पक्ष का दावा है कि हमले में बच्चे के मुंह पर गंभीर चोट आई और उसके दांत भी टूट गए। वहीं, बीच-बचाव करने पहुंचे एक अन्य ग्रामीण के दांत टूटने का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़िता ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा एवं न्याय दिलाने की मांग की है।

घर के बाहर खड़े 11 वर्षीय अलफेज से मारपीट का आरोप

ग्राम असगरीपुर निवासी साधना पत्नी फिरोज अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका 11 वर्षीय बेटा अलफेज घर के बाहर खड़ा था।

पीड़िता के मुताबिक इसी दौरान गांव निवासी इमरान पुत्र शमीम अहमद वहां पहुंचा और कथित रूप से किसी वस्तु से बच्चे के मुंह पर जोरदार प्रहार कर दिया।

साधना का आरोप है कि हमले के कारण अलफेज के मुंह पर गंभीर चोट आई और उसके दांत टूट गए।

हालांकि बच्चे को आई चोटों की प्रकृति और गंभीरता की आधिकारिक चिकित्सकीय पुष्टि की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

बेटे को बचाने पहुंची मां से भी मारपीट का आरोप

बच्चे के साथ मारपीट की जानकारी मिलने पर उसकी मां साधना मौके पर पहुंची और अपने बेटे को बचाने का प्रयास किया।

पीड़िता का आरोप है कि बीच-बचाव करने के दौरान आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि घटनास्थल पर इमरान के साथ सोनू और सोराब सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।

पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान आरोपियों ने एकजुट होकर मारपीट की।

शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीण, उनके साथ भी मारपीट का दावा

घटना के दौरान शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच हो रहे विवाद को शांत कराने का प्रयास किया।

तहरीर के अनुसार बीच-बचाव करने वालों में वसीम पुत्र मोमिन, फैसल पुत्र अमीर और नितिन पुत्र छोटे लाल शामिल थे।

पीड़िता का आरोप है कि विवाद शांत कराने पहुंचे इन लोगों के साथ भी मारपीट की गई।

वसीम के चेहरे पर घूंसा मारकर दांत तोड़ने का आरोप

पीड़िता ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि बीच-बचाव करने पहुंचे वसीम के साथ भी मारपीट हुई।

आरोप है कि सोराब ने वसीम के चेहरे पर घूंसे से वार किया, जिससे उनके दांत टूट गए।

हालांकि वसीम को आई चोटों और दांत टूटने के संबंध में चिकित्सकीय रिपोर्ट की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप

पीड़िता साधना ने मारपीट के साथ आरोपियों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

उनका दावा है कि आरोपियों ने मामले में कानूनी कार्रवाई करने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

इससे परिवार में भय का माहौल होने की बात कही गई है। पीड़िता ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

थाना नूरपुर पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग

साधना ने थाना प्रभारी निरीक्षक नूरपुर को प्रार्थना पत्र देकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

पीड़िता ने कहा है कि बच्चे के साथ हुई कथित मारपीट, बीच-बचाव करने वालों पर हमले और धमकी से जुड़े सभी आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने मामले में न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

बच्चे की चोटों की मेडिकल जांच भी अहम

11 वर्षीय बच्चे के मुंह पर चोट और दांत टूटने के आरोप को देखते हुए मामले में चिकित्सकीय परीक्षण महत्वपूर्ण होगा।

मेडिकल रिपोर्ट से बच्चे को आई चोटों की वास्तविक प्रकृति और गंभीरता स्पष्ट हो सकेगी। इसी तरह बीच-बचाव करने पहुंचे वसीम को लगी कथित चोटों की स्थिति भी मेडिकल परीक्षण से स्पष्ट हो सकती है।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा पूरा घटनाक्रम

फिलहाल सामने आई जानकारी पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र और लगाए गए आरोपों पर आधारित है।

इस मामले में नामजद व्यक्तियों का पक्ष उपलब्ध नहीं है और पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने अथवा अन्य कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई है।

ऐसे में आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।

पुलिस कार्रवाई पर टिकी पीड़ित परिवार की निगाहें

पीड़ित परिवार अब थाना नूरपुर पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।

परिवार की मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर बच्चे एवं अन्य घायलों को न्याय दिलाया जाए और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

NHP Bharat News | नूरपुर, बिजनौर

Shadab Idreeshi
Author
Shadab Idreeshi
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