सोने का कड़ा गायब होने के बाद तीन कर्मचारियों से मारपीट का आरोप, रामू कश्यप की मां ओमवती ने पुलिस को दी तहरीर; विधायक ने आरोपों को बताया निराधार
बिजनौर/मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की बढ़ापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कुंवर सुशांत सिंह पर तीन युवकों को कथित रूप से बंधक बनाकर मारपीट और प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला मुरादाबाद जिले के रतूपुरा स्थित विधायक के आवास से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता ओमवती कश्यप ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके बेटे रामू कश्यप सहित तीन युवकों को सोने का कड़ा गायब होने के संदेह में बंधक बनाया गया और उनके साथ मारपीट की गई।
शिकायत में युवकों को रस्सियों से बांधने, उल्टा लटकाने, बेल्ट और डंडों से पीटने, जख्मों पर नमक लगाने तथा बिजली के करंट से प्रताड़ित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
वहीं, विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए युवकों को बंधक बनाने, मारपीट करने और करंट लगाने की घटना से इनकार किया है।
फिलहाल मामला पुलिस जांच का विषय बताया जा रहा है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विधायक के आवास पर काम करने वाले तीन युवकों से जुड़ा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायत में जिन तीन युवकों का उल्लेख किया गया है, उनके नाम रामू कश्यप, अतुल और लविश हैं।
शिकायतकर्ता ओमवती कश्यप का कहना है कि तीनों युवक विधायक के आवास पर काम करते थे।
आरोप है कि विधायक के बेटे का सोने का कड़ा गायब होने के बाद इन युवकों पर संदेह किया गया और इसी बात को लेकर कथित प्रताड़ना की घटना हुई।
हालांकि सोने का कड़ा वास्तव में चोरी हुआ था या कहीं गुम हुआ था, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
सोने का कड़ा गायब होने के बाद शुरू हुआ विवाद
ओमवती की शिकायत के अनुसार विधायक के बेटे का सोने का कड़ा गायब होने के बाद आवास पर काम करने वाले तीनों युवकों से पूछताछ की गई।
आरोप है कि चोरी के संदेह में युवकों को वहां रोककर रखा गया और उनके साथ मारपीट की गई।
शिकायतकर्ता ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवकों को किन परिस्थितियों में रोका गया और उनके साथ क्या व्यवहार किया गया।
रस्सियों से बांधकर उल्टा लटकाने का आरोप
ओमवती कश्यप ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि तीनों युवकों को रस्सियों से बांधकर उल्टा लटकाया गया।
उनके अनुसार युवकों को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनसे जबरन पूछताछ की गई।
ये गंभीर आरोप हैं, जिनकी पुष्टि संबंधित व्यक्तियों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्यों और पुलिस जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
बेल्ट और डंडों से पिटाई करने की शिकायत
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि युवकों की बेल्ट और डंडों से पिटाई की गई।
ओमवती का कहना है कि उनके बेटे रामू कश्यप को भी गंभीर चोटें पहुंचीं।
परिजनों के अनुसार मारपीट के बाद रामू की हालत बिगड़ गई और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
हालांकि उसकी चोटों की प्रकृति और गंभीरता के संबंध में आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।
जख्मों पर नमक लगाने और करंट देने का आरोप
पुलिस को दी गई शिकायत में युवकों के साथ कथित प्रताड़ना के संबंध में कई गंभीर बातें कही गई हैं।
ओमवती कश्यप ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान युवकों के जख्मों पर नमक लगाया गया और उन्हें बिजली के करंट के झटके दिए गए।
इन आरोपों की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल इन्हें शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
रामू कश्यप को जान से मारने की धमकी का आरोप
ओमवती कश्यप ने अपनी शिकायत में बेटे रामू कश्यप को जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के बाद परिवार अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच के साथ रामू की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
रामू कश्यप के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी
परिजनों के अनुसार कथित मारपीट के बाद रामू कश्यप की तबीयत बिगड़ गई थी।
इसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिवार का दावा है कि मारपीट और प्रताड़ना के कारण उसकी शारीरिक स्थिति प्रभावित हुई।
हालांकि किस अस्पताल में भर्ती कराया गया, चिकित्सकों ने क्या निष्कर्ष निकाला और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति क्या है, इसकी पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मां ओमवती ने पुलिस को दी तहरीर
पीड़ित बताए जा रहे रामू कश्यप की मां ओमवती ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने आरोपों से किया इनकार
मामले में भाजपा विधायक कुंवर सुशांत सिंह का पक्ष भी सामने आया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार विधायक ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
उन्होंने युवकों को बंधक बनाकर पीटने और बिजली के करंट से प्रताड़ित करने की घटना से इनकार किया है।
ऐसे में शिकायतकर्ता और विधायक के अलग-अलग पक्ष सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
पुलिस जांच में महत्वपूर्ण होंगे मेडिकल साक्ष्य
इस मामले में आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट करने के लिए पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी।
चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट, शिकायतकर्ता तथा संबंधित युवकों के बयान और घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्य जांच में उपयोगी हो सकते हैं।
यदि घटनास्थल से संबंधित सीसीटीवी फुटेज या अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध होते हैं, तो पुलिस उनकी भी जांच कर सकती है।
हालांकि ऐसे किसी रिकॉर्ड की बरामदगी या जांच किए जाने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
एफआईआर और गिरफ्तारी की स्थिति स्पष्ट नहीं
उपलब्ध जानकारी में पुलिस को तहरीर दिए जाने और मामले की जांच की बात सामने आई है।
लेकिन किसी विशिष्ट एफआईआर संख्या, दर्ज धाराओं या गिरफ्तारी का प्रमाणित विवरण नहीं दिया गया है।
इसलिए फिलहाल किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने या गिरफ्तारी होने का दावा नहीं किया जा सकता।
पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और जांच के परिणाम सामने आने के बाद ही कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
ओमवती कश्यप ने अपने बेटे सहित तीन युवकों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना के मामले में न्याय की मांग की है।
वहीं विधायक कुंवर सुशांत सिंह ने आरोपों से इनकार किया है।
दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस जांच और चिकित्सकीय साक्ष्य इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
फिलहाल यह मामला गंभीर आरोपों और उनके खंडन से जुड़ा है। जांच पूरी होने तथा संबंधित साक्ष्य सामने आने से पहले किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं मानी जा सकती।
NHP Bharat News | बिजनौर–मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश