रोजगार के लिए गुजरात गए मजदूरों की मौत से शोक में परिवार
सीतापुर। गुजरात के भुज में शुक्रवार सुबह हुए सड़क हादसे में रामपुरमथुरा क्षेत्र के पांच मजदूरों की मौत की सूचना से उनके पैतृक गांवों में शोक का माहौल है। रोजी-रोटी की तलाश में घर से दूर गए इन मजदूरों की मौत ने परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है। किसी की शादी को कुछ ही महीने हुए थे, जबकि कई अपने पीछे पत्नी और छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं।
प्राप्त विवरण के अनुसार, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और जिलाधिकारी ने हादसे पर दुख जताया है। प्रशासन के मुताबिक, पांचों मजदूरों के शव शनिवार देर रात तक उनके पैतृक गांव पहुंचने की उम्मीद है।
पांच महीने पहले हुई थी कुलदीप की शादी, गौना होना था बाकी
परिजनों से जुड़ी जानकारी के अनुसार, बिंद्रापुरवा मजरा खनेवा मितौरा निवासी कुलदीप तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी शादी करीब पांच महीने पहले हुई थी और पत्नी का गौना अभी नहीं हुआ था। परिवार के पास करीब तीन बीघा जमीन है। आर्थिक परिस्थितियों के चलते वह लंबे समय से गुजरात में मजदूरी कर रहे थे और लगभग चार महीने पहले गांव से काम पर लौटे थे।
बताया गया कि हादसे से एक दिन पहले सुबह कुलदीप की परिजनों से फोन पर बातचीत हुई थी। ड्यूटी पर जाने में देर होने की बात कहते हुए उन्होंने बाद में फोन करने को कहा था। परिवार के लिए वही उनकी आखिरी बातचीत बन गई।
पहली बार कमाने गए संदीप, पत्नी और तीन बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
इसी गांव के संदीप करीब दो महीने पहले पहली बार रोजगार के लिए गुजरात गए थे। उनके परिवार में पत्नी रेनू देवी और तीन बच्चे हैं। दिए गए विवरण के अनुसार, बड़े बेटे सचिन की उम्र 16 वर्ष, दूसरे बेटे हंसमुख की सात वर्ष और सबसे छोटे बच्चे की उम्र महज दस महीने है।
सीमित खेती और झोपड़ी में गुजर-बसर करने वाले परिवार के लिए संदीप की मौत बड़ा संकट बन गई है। पत्नी रेनू देवी के सामने अब बच्चों की परवरिश और उनके भविष्य की जिम्मेदारी है।
देशराज की मौत से पत्नी और तीन बच्चों ने खोया सहारा
खनेवा निवासी देशराज अपने माता-पिता की इकलौती संतान बताए गए हैं। उनके परिवार में पत्नी माधुरी और तीन बच्चे बब्लू, शैलेंद्र तथा खुशबू हैं। उनकी मौत से परिवार में गहरा शोक है। रोजगार के लिए गुजरात गए देशराज की मृत्यु ने पत्नी और बच्चों से उनका सहारा छीन लिया।
वीरेश और अमित के परिवारों में भी मातम
खबर के शुरुआती विवरण में धौरहरा के मजरा पासिन पुरवा निवासी वीरेश और अमित कुमार की मौत का भी उल्लेख है। वीरेश की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। वहीं, अमित कुमार के परिवार में एक बेटी बताई गई है। हादसे की सूचना मिलने के बाद संबंधित परिवारों में शोक छाया हुआ है।
पैतृक गांवों में शव पहुंचने का इंतजार
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, शव शनिवार देर रात तक पैतृक गांव पहुंचने की उम्मीद है। परिजन अपने प्रियजनों के अंतिम दर्शन का इंतजार कर रहे हैं। हादसे ने रोजगार के लिए दूसरे प्रदेश गए मजदूरों के परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है।
संपादकीय नोट: आपके विवरण में मृतकों की जानकारी मेल नहीं खा रही है। मुख्य खबर में पांच मजदूरों का उल्लेख है, जबकि अंतिम सूची में छह नाम हैं। कुलदीप की उम्र 26 और 31 वर्ष, देशराज की 40 और 48 वर्ष लिखी है। मुख्य खबर में शामिल अमित का नाम अंतिम सूची में नहीं है; सूची में अनुप और अनील अतिरिक्त हैं। प्रकाशन से पहले आधिकारिक सूची से नाम, उम्र, गांव और मृतकों की संख्या का मिलान करें।