वाराणसी: BHU के जूनियर डॉक्टर ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट मिला

Varanasi

BHU के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने की आत्महत्या, हॉस्टल के कमरे में मिला शव

Jun 29, 2026
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BHU के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने की आत्महत्या, हॉस्टल के कमरे में मिला शव

ड्रग ओवरडोज से आत्महत्या की आशंका, मौके से मिला सुसाइड नोट

वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर स्थित सुश्रुत छात्रावास से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS-BHU) के एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने हॉस्टल के कमरे में कथित रूप से ड्रग ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन, प्रॉक्टोरियल बोर्ड और डॉक्टरों के बीच हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही लंका थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें मृतक ने मानसिक तनाव और जीवन के संघर्षों का जिक्र किया है।

कॉल का जवाब नहीं मिला, कमरे में मिली लाश

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान डॉ. ऋतविक कुंडू (27 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के निवासी थे और बीएचयू में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्यरत थे। वह सुश्रुत हॉस्टल के कमरा नंबर 33 में रह रहे थे।

बताया जा रहा है कि देर रात साथी डॉक्टरों ने उन्हें किसी जरूरी कार्य से कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद साथियों को चिंता हुई और वे उनके कमरे पर पहुंचे। दरवाजा खोलने पर अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए।

डॉ. ऋतविक बिस्तर पर बेसुध पड़े थे। उनकी नसों में एनेस्थीसिया की ड्रिप लगी हुई थी। इसके बाद तुरंत चीफ प्रॉक्टर और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।

सुसाइड नोट में गर्लफ्रेंड को दोषी न ठहराने की अपील

पुलिस को कमरे की तलाशी के दौरान डॉ. ऋतविक के हाथ से लिखा एक सुसाइड नोट मिला। नोट में उन्होंने साफ तौर पर लिखा कि उनकी मौत के लिए किसी भी व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराया जाए।

अपनी प्रेमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा:

“वह बहुत अच्छी लड़की है और मुझसे बहुत प्यार करती है। उसने मेरे लिए बहुत कुछ किया, लेकिन मैं उसके लिए कुछ नहीं कर सका। इस कदम के लिए उसे बिल्कुल भी दोषी न ठहराया जाए, बल्कि उसका ख्याल रखा जाए।”

माता-पिता से मांगी माफी

डॉ. ऋतविक ने अपने माता-पिता के लिए भावुक संदेश भी छोड़ा। उन्होंने लिखा कि वह परिवार का अंतिम सहारा थे, लेकिन वह उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सके।

सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा:

“मेरा जीवन सरल नहीं था। मैं पिछले काफी समय से बहुत संघर्ष कर रहा था।”

उन्होंने अपने भाई-बहनों और दोस्तों से भी माफी मांगते हुए अंत में “अलविदा दुनिया” लिखा।

पुलिस कर रही जांच

लंका थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला एनेस्थीसिया ड्रग ओवरडोज से आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की भी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। मामले के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।

Tag :
पुलिस कार्रवाई
अजय कुमार चौबे
Author
अजय कुमार चौबे
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