भारत में पड़ रही भीषण गर्मी का क्या है पाकिस्तान कनेक्शन? यूरोप में भी गर्मी का तांडव | Inside Story

Agra

भारत में भीषण गर्मी का पाकिस्तान कनेक्शन? यूरोप में Heatwave से हाहाकार | Inside Story

Jun 30, 2026
4 Likes
7
undefined minute read
Speak Loud
 0
14px16px18px20px22px24px
Save
Likes

News Desk: देश की राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सोमवार को हुई हल्की बारिश के बाद लोगों को राहत की उम्मीद थी, लेकिन मंगलवार को एक बार फिर गर्मी ने अपना विकराल रूप दिखा दिया।

शाम के समय दिल्ली में महसूस किया जाने वाला तापमान (Feels Like Temperature) करीब 53.5°C तक पहुंच गया, जिसने लोगों को झुलसा कर रख दिया। हालांकि वास्तविक तापमान 40-41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस असहनीय गर्मी के पीछे एक बड़ा कारण पाकिस्तान से आने वाली गर्म और सूखी पश्चिमी हवाएं हैं।
SGF11 Women's Kanjivaram Soft Cotton Linen Silk Saree With Blouse Piece

https://amzn.to/4eZzMcG


क्या है पाकिस्तान कनेक्शन?

विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं उत्तर भारत में तापमान को तेजी से बढ़ा रही हैं। ये हवाएं अपने साथ गर्मी लेकर आती हैं, जिससे दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर पहुंच जाता है।

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।

दूसरी ओर अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी नम हवाएं भी दिल्ली पहुंच रही हैं। जब सूखी और नम हवाएं आपस में टकराती हैं, तो वातावरण में उमस बढ़ जाती है।

यही कारण है कि वास्तविक तापमान भले 40°C हो, लेकिन शरीर को महसूस होने वाला तापमान 50°C से ऊपर महसूस होता है।


बारिश क्यों नहीं हो रही?

स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के अनुसार, सूखी और नम हवाओं के मेल से बादल तो बन रहे हैं, लेकिन वे पर्याप्त बारिश नहीं कर पा रहे।

आमतौर पर शाम 4 से 5 बजे के बीच बादल बनते हैं, लेकिन तब तक दिन का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हो चुका होता है। ऐसे में वातावरण में गर्मी और उमस मिलकर हालात को और खतरनाक बना देते हैं।

यानी बादल राहत देने के बजाय गर्मी का अहसास और ज्यादा बढ़ा रहे हैं।

https://amzn.to/4aq4075


दिल्ली का तापमान कितना रहा?

IMD के मुताबिक मंगलवार को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया:

  • सफदरजंग: 40.5°C
  • पालम: 41.0°C
  • लोधी रोड: 40.1°C
  • अयानगर: 40.1°C
  • रिज स्टेशन: 41.5°C

सभी जगह तापमान सामान्य से 2 से 4.8 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया गया।


यूरोप में भी गर्मी का कहर

भारत ही नहीं, यूरोप भी इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है।

फ्रांस में मंगलवार को इतिहास के सबसे गर्म दिनों में से एक दर्ज किया गया। देश के कई हिस्सों में तापमान 39°C से 43°C तक पहुंच गया।

इटली, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देशों में भी गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।

  • कई जगहों पर मौतें दर्ज हुईं
  • ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं
  • सड़क परिवहन बाधित हुआ
  • स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा

यूरोप में हालात इतने खराब हैं कि कई देशों ने Heat Emergency Alert जारी कर दिया है।


जलवायु परिवर्तन कितना जिम्मेदार?

वैज्ञानिकों का मानना है कि दुनिया भर में बढ़ती भीषण गर्मी के पीछे सबसे बड़ा कारण Climate Change (जलवायु परिवर्तन) है।

एक हालिया स्टडी के मुताबिक, यदि मानव गतिविधियों से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन नहीं होता, तो इतनी भीषण गर्मी की घटनाएं लगभग 50 साल में एक बार होतीं।

लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।

मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक तापमान में 1.3°C की वृद्धि हो चुकी है। इसका परिणाम यह है कि अब ऐसी खतरनाक हीटवेव हर 5 साल में एक बार देखने को मिल रही है।


आगे क्या?

विशेषज्ञों की चेतावनी साफ है—यदि ग्लोबल वार्मिंग पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में गर्मी और अधिक खतरनाक रूप ले सकती है।

भारत हो या यूरोप, बढ़ती गर्मी अब केवल मौसम की खबर नहीं रही…
यह एक गंभीर वैश्विक संकट बन चुकी है।

NHP Bharat आपको मौसम, देश और दुनिया की हर बड़ी खबर सबसे पहले पहुंचाता रहेगा।

Tag :
ताजा खबर
Share :