भदोही। ऊंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 के एक कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच को प्रभावित करने के लिए फर्जी शपथ पत्र और कथित झूठी गवाही देने के आरोप में 31 नामजद समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़िता की ओर से न्यायालय का दरवाजा खटखटाए जाने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत के आदेश पर ऊंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
पीड़िता का आरोप है कि सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कथित तौर पर फर्जी शपथ पत्र तैयार कर जांच को प्रभावित किया गया। पुलिस का कहना है कि अब पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
वर्ष 2020 में सामूहिक दुष्कर्म का लगाया था आरोप
ऊंज थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला के मुताबिक वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि फूलचंद और मनोज कुमार से उसकी पुरानी रंजिश थी।
पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2020 में मनोज कुमार, अरविंद और उनके एक सहयोगी ने घर में घुसकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया।
इस संबंध में वर्ष 2020 में ऊंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जांच प्रभावित करने के लिए फर्जी शपथ पत्र लगाने का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि मामले की विवेचना के दौरान आरोपियों के प्रभाव में कथित तौर पर गलत तथ्यों के आधार पर शपथ पत्र तैयार किए गए और उनका इस्तेमाल आरोपियों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया।
महिला का दावा है कि उसका बयान और शपथ पत्रों से जुड़े साक्ष्यों की समुचित जांच किए बिना मामले में अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई थी।
कोर्ट पहुंची पीड़िता, दोबारा शुरू हुई विवेचना
पुलिस जांच से असंतुष्ट होने के बाद पीड़िता ने न्यायालय का रुख किया। इसके बाद न्यायालय के हस्तक्षेप पर मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया हुई और दोबारा विवेचना शुरू की गई।
पीड़िता का आरोप है कि दोबारा जांच के दौरान भी कथित रूप से बिना हस्ताक्षर और अधिवक्ता की पहचान वाले शपथ पत्र तैयार किए गए।
आरोप है कि 30 अक्टूबर 2021 को ये शपथ पत्र पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर के समक्ष प्रस्तुत किए गए और उनकी सत्यता की समुचित जांच किए बिना रिपोर्ट तैयार कर दी गई।
कोर्ट के आदेश पर 31 नामजद समेत अन्य पर मुकदमा
पीड़िता की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद ऊंज पुलिस ने 31 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
एफआईआर में राजपति बिंद, रामकिशुन बिंद, मुनायक सरोज, संतोष कुमार, शिवनायक सरोज, नीरज, सूरज, दीपक, नंदलाल, प्रमोद सरोज, प्रदीप, अर्जुन, संत लाल, अमरनाथ, फूलचंद, मनोज कुमार, नेंबू लाल, जब्बार, असगर अली, पवन कुमार, ओमप्रकाश सिंह, बबलू यादव, राजेश कुमार विश्वकर्मा, राममोहन यादव, राजू पटेल, छोटू, कमलेश कुमार ठाकुर, गौरव सिंह, बलराम, अजय कुमार और रिंकू कन्नौजिया समेत अन्य के खिलाफ आरोपों की जांच शुरू की गई है।
विवेचना अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी विवेचना अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नोट: सामूहिक दुष्कर्म, फर्जी शपथ पत्र, झूठी गवाही और जांच प्रभावित करने संबंधी बातें पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों एवं दर्ज मामले पर आधारित हैं। नामजद व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।