सीतापुर। महमूदाबाद तहसील परिसर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो में BDO रामगोपाल यादव कथित तौर पर आंखें बंद किए बैठे दिखाई दे रहे हैं, जिसे सोशल मीडिया पर उनके सोने के दावे के साथ साझा किया जा रहा है। वहीं कार्यक्रम में मौजूद कुछ अन्य अधिकारी मोबाइल फोन देखते नजर आ रहे हैं।
सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं को सुनने तथा उनके निस्तारण के उद्देश्य से किया जाता है। ग्रामीण और फरियादी राजस्व, पुलिस, विकास, बिजली, राशन और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतें लेकर अधिकारियों के पास पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों का कथित रूप से असावधान दिखाई देना चर्चा का विषय बना हुआ है।
वायरल वीडियो में अधिकारियों की कतार दिखाई दे रही है। इनमें कुछ अधिकारी मोबाइल फोन इस्तेमाल करते नजर आते हैं। इसी दौरान BDO रामगोपाल यादव को लेकर दावा किया जा रहा है कि वह कार्यक्रम के दौरान सो रहे थे। हालांकि केवल वीडियो के कुछ हिस्सों के आधार पर यह निश्चित रूप से स्थापित नहीं किया जा सकता कि वह वास्तव में सो रहे थे या कुछ समय के लिए आंखें बंद किए हुए थे।
सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर उठ रहे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद लोग सम्पूर्ण समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अधिकारियों की गंभीरता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर तहसील पहुंचते हैं, इसलिए कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों से शिकायतों को गंभीरता से सुनने और समयबद्ध निस्तारण की अपेक्षा रहती है।
हालांकि वीडियो में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते दिखाई देने मात्र से यह भी स्पष्ट नहीं होता कि अधिकारी निजी कार्य कर रहे थे या समाधान दिवस से संबंधित किसी आधिकारिक कार्य के लिए फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। इसकी पुष्टि संबंधित अधिकारियों के पक्ष और प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकती है।
वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि बाकी
वायरल वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया, पूरा घटनाक्रम क्या था और उस समय संबंधित अधिकारी क्या कर रहे थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। BDO रामगोपाल यादव और अन्य संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में BDO के सोने और अधिकारियों द्वारा काम में लापरवाही बरतने को फिलहाल स्थापित तथ्य के बजाय वायरल वीडियो के आधार पर किया जा रहा दावा माना जाना उचित होगा।
अब नजर इस बात पर है कि महमूदाबाद तहसील प्रशासन या जिला प्रशासन वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर कोई जांच अथवा स्पष्टीकरण मांगता है या नहीं। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।