बस्ती। जनपद बस्ती में यूरिया की बिक्री को लेकर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का दावा है कि कुछ सरकारी सहकारी समितियों और निजी खाद विक्रेताओं द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली जा रही है। साथ ही, जिला कृषि अधिकारी पर शिकायत मिलने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना शेष है।
किसानों का कहना है कि शासन द्वारा यूरिया की एक बोरी का निर्धारित मूल्य 266.50 रुपये तय किया गया है, लेकिन कुछ स्थानों पर किसानों से 280 रुपये प्रति बोरी तक वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा 10 रुपये लेबर चार्ज के नाम पर अतिरिक्त राशि लेने का भी आरोप लगाया गया है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, हाल ही में महसिन स्थित एक सहकारी समिति पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली का मामला सामने आया। किसानों का दावा है कि उन्होंने इस संबंध में साक्ष्यों सहित संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी दी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मामले की जानकारी जिला कृषि अधिकारी बाबूराम मौर्या को भी दी गई थी, लेकिन अब तक कथित अनियमितताओं के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी ओर, इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी का आधिकारिक पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
किसान संगठनों और स्थानीय किसानों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली या अन्य अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
किसानों का कहना है कि खाद की उपलब्धता और निर्धारित मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित करना कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक वसूली की शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।