परशुरामपुर, बस्ती। खुद पर जानलेवा हमला और फायरिंग किए जाने की कथित झूठी सूचना देकर पड़ोसियों को गंभीर मुकदमे में फंसाने की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई 32 बोर की अवैध देसी पिस्टल भी बरामद की गई है। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, 5 अगस्त की रात करीब 11 बजे ग्राम करमिया निवासी रामजन्म वर्मा ने डायल-112 पर सूचना दी थी कि उसके पड़ोसी उमेश और कृष्ण कुमार उसके दरवाजे पर आए और जान से मारने की नीयत से पिस्टल से फायरिंग की।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
जांच में बयानों और तथ्यों में मिला विरोधाभास
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और परिवार के सदस्यों सहित अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और बयानों में विरोधाभास मिलने के बाद रामजन्म वर्मा द्वारा दी गई सूचना पर संदेह हुआ।
इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करते हुए रामजन्म से पूछताछ की।
पड़ोसियों को फंसाने के लिए खुद फायरिंग करने का आरोप
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान रामजन्म वर्मा ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि पड़ोसी उमेश और कृष्ण कुमार को गंभीर आपराधिक मुकदमे में फंसाने के उद्देश्य से उसने अपने दरवाजे पर स्वयं फायरिंग की थी।
इसके बाद डायल-112 पर फोन कर पड़ोसियों द्वारा जानलेवा हमला और फायरिंग किए जाने की कथित झूठी सूचना दी गई।
32 बोर की अवैध देसी पिस्टल बरामद
पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक अवैध देसी पिस्टल 32 बोर बरामद की गई है।
पुलिस ने आरोपी रामजन्म वर्मा पुत्र इंद्रराज वर्मा, उम्र करीब 29 वर्ष, निवासी ग्राम करमिया, थाना परसरामपुर, जनपद बस्ती को शनिवार सुबह करीब 8:45 बजे कोहरायें तिराहे के पास से गिरफ्तार किया।
BNS और आर्म्स एक्ट में कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 259/2026, धारा 308(7) बीएनएस एवं 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस टीम में ये रहे शामिल
गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक झारखंडेय पांडे, कांस्टेबल योगेश यादव और कांस्टेबल महेंद्र वर्मा शामिल रहे।
नोट: पड़ोसियों को फंसाने के लिए स्वयं फायरिंग करने और झूठी सूचना देने संबंधी विवरण पुलिस जांच एवं पुलिस के दावे पर आधारित हैं। मामले का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा।