कप्तानगंज (बस्ती)। सड़क पर वाहन चालकों को रोककर खुद को फाइनेंस कंपनी का एजेंट बताने और कथित तौर पर भय दिखाकर उनकी गाड़ियां कब्जे में लेने के मामले में कप्तानगंज पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से तीन मोटरसाइकिल और घटनाओं में इस्तेमाल की गई एक कार बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक इस संबंध में कप्तानगंज थाने में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मामले से जुड़े दो अन्य आरोपित अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
CHC गेट के पास बाइक कब्जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार महाराजगंज जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के वैशाख गांव निवासी गुलाब यादव की होंडा एक्सट्रीम मोटरसाइकिल को कप्तानगंज सीएचसी गेट के पास कथित तौर पर जबरन कब्जे में लिया गया था।
आरोप है कि वाहन रोकने वाले लोगों ने खुद को फाइनेंस कंपनी से जुड़ा बताकर बाइक अपने कब्जे में ले ली।
जिओ पेट्रोल पंप के पास दूसरी घटना
इसी तरह कप्तानगंज क्षेत्र में जिओ पेट्रोल पंप के पास लालगंज थाना क्षेत्र के परमेश्वरपुर निवासी विजयपाल को कथित रूप से भय दिखाकर उसकी मोटरसाइकिल कब्जे में लेने का मामला भी सामने आया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित घटनाओं के बीच कड़ियां जोड़ते हुए आरोपितों की तलाश की।
बिहार निवासी संजय मेहता की पल्सर भी कब्जाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक बिहार निवासी संजय मेहता की पल्सर मोटरसाइकिल भी इसी तरह कब्जे में लिए जाने की शिकायत सामने आई थी।
पुलिस का आरोप है कि आरोपी सड़क पर वाहन चालकों को रोकते और खुद को फाइनेंसर कंपनी से जुड़ा बताकर वाहनों को अपने कब्जे में लेते थे।
तीन बाइक और घटना में इस्तेमाल कार बरामद
जांच के दौरान कप्तानगंज पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन मोटरसाइकिल और घटना में प्रयुक्त एक कार बरामद करने का दावा किया है।
बरामद वाहनों को पुलिस ने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो अन्य आरोपितों की तलाश
पुलिस के मुताबिक मामले में दो अन्य आरोपित भी शामिल बताए जा रहे हैं, जो फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपितों ने इसी तरीके से अन्य वाहन चालकों से भी वाहन कब्जे में लिए या वसूली की है अथवा नहीं।
नोट: आरोपितों पर लगे आरोप पुलिस की जांच और दर्ज मुकदमों पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।