बस्ती। बहादुरपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत बहादुरपुर स्थित ऐतिहासिक हरदेव नाथ शिव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाया गया RO वाटर प्लांट लंबे समय से खराब पड़ा है। देखरेख और मरम्मत के अभाव में पेयजल की यह व्यवस्था अब महज शोपीस बनकर रह गई है। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर में आसपास के गांवों के साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
गर्मी और उमस में पानी के लिए भटक रहे श्रद्धालु
ग्रामीणों के मुताबिक, गर्मी और उमस के दौरान मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पीने के पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। RO प्लांट बंद होने के कारण लोगों को पानी के लिए दूसरी जगहों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थल पर कम से कम स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा सुचारू रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।
लाखों की लागत का RO प्लांट बंद होने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थापित RO वाटर प्लांट पर बड़ी धनराशि खर्च की गई थी, लेकिन लंबे समय से खराब रहने के कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट की मरम्मत कराने को लेकर संबंधित जिम्मेदारों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका।
ग्रामीणों में नाराजगी, प्रशासन से की मांग
RO प्लांट के लगातार बंद रहने से स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेकर RO प्लांट की तकनीकी जांच एवं तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी धन से स्थापित किसी सुविधा का लाभ यदि आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है तो जिम्मेदार विभाग को इसकी नियमित देखरेख और रखरखाव सुनिश्चित करना चाहिए।
अब देखना होगा कि प्रशासन बंद पड़े RO वाटर प्लांट को कब तक चालू कराता है और हरदेव नाथ शिव मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल की सुविधा कब मिलती है।