Published By: Ramraj Tiwari Thuesday , 30 Jul 2026 1:39 PM
बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र स्थित अमोढ़ा कस्बे में एक निजी क्लीनिक संचालक द्वारा कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, परिजनों ने पुलिस को एक कथित सुसाइड नोट भी सौंपा है, जिसमें चकबंदी विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, गणेश श्रीवास्तव (38 वर्ष), पुत्र पवन श्रीवास्तव, निवासी कुंआगांव, छावनी थाना क्षेत्र, अमोढ़ा कस्बे में निजी तौर पर मरीजों का उपचार करते थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर शाम उन्होंने अपनी दुकान के भीतर कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें कई बार उल्टियां हुईं।
आसपास के लोगों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर छावनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सके।
मामले की पुष्टि करते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्वर्धिमा सिंह ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। परिजनों द्वारा पुलिस को एक कथित सुसाइड नोट दिया गया है, जिसमें चकबंदी प्रक्रिया के दौरान भूमि के कई हिस्सों में बंट जाने से मानसिक तनाव का उल्लेख किया गया है। परिजनों का आरोप है कि इसी कारण गणेश श्रीवास्तव लंबे समय से परेशान थे।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग, उसमें लिखे तथ्यों और लगाए गए आरोपों की विधिक रूप से जांच की जाएगी। जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
इस घटना से अमोढ़ा कस्बे और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।