बाराबंकी में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने वोट चोरी के खिल

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बाराबंकी में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने वोट चोरी के खिलाफ किया बड़ा प्रदर्शन, पूर्व मंत्री गोप बोले- CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

Oct 9, 2026
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जिला कार्यालय से निर्वाचन कार्यालय तक पैदल मार्च निकालने पहुंचे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 8 अक्टूबर 2026। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को बाराबंकी में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जिला पार्टी कार्यालय से जिला निर्वाचन कार्यालय तक पैदल मार्च निकालने के लिए आगे बढ़े, लेकिन रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक तथा धक्का-मुक्की हुई।

अखिलेश यादव के निर्देश पर एक सप्ताह से चल रहा विरोध

पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने बताया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पिछले एक सप्ताह से विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी लगातार आवाज उठा रही है। इसी क्रम में दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर भी विरोध प्रदर्शन किए गए हैं।

गोप ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही है और पार्टी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।

जिला कार्यालय से निर्वाचन कार्यालय तक निकाला पैदल मार्च

बाराबंकी में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय से जिला निर्वाचन कार्यालय तक पैदल मार्च निकालने का प्रयास किया।

कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की रोक के बाद कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे।

पुलिस से हुई धक्का-मुक्की, प्रदर्शन स्थल पर तनाव

सपा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद मौके पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।

कार्यकर्ताओं ने पुलिस के विरोध के बावजूद अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी जारी रखी। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में भी बाराबंकी में सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की पुष्टि हुई है।

अरविंद सिंह गोप बोले—ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और उनकी पार्टी की ओर से उठाए गए मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

गोप ने कहा कि समाजवादी पार्टी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी।

'मताधिकार सबसे बड़ा अधिकार, इससे वंचित करना दुर्भाग्यपूर्ण'

प्रदर्शन के दौरान अरविंद सिंह गोप ने मताधिकार के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार नागरिकों के सबसे महत्वपूर्ण अधिकारों में शामिल है।

गोप ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में लोगों को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।

हालांकि, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और मताधिकार से वंचित किए जाने के दावे समाजवादी पार्टी के आरोप हैं। इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

चुनाव आयोग के भीतर फैसलों की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

पूर्व मंत्री ने निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।

गोप ने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों की ओर से 14 बार लिखित शिकायत या आपत्ति दर्ज कराई गई है।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान में महत्वपूर्ण फैसले सभी सदस्यों की राय और आपसी सहमति से लिए जाने चाहिए।

गोप का आरोप था कि कुछ निर्णय अन्य सदस्यों की राय के बिना लिए जा रहे हैं।

इन दावों के संबंध में निर्वाचन आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया या संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ व्यवहार पर जताई नाराजगी

अरविंद सिंह गोप ने दिल्ली में हुए विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ पुलिस द्वारा किया गया कथित दुर्व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।

गोप ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले विपक्षी नेताओं को रोका जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जनता इन घटनाओं को देख रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय बना रही है।

2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी दिया बयान

प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी बयान दिया।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार को हटाकर समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना चाहती है।

गोप ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री होंगे।

यह समाजवादी पार्टी के नेता का राजनीतिक दावा है। चुनाव परिणाम मतदाताओं के निर्णय पर निर्भर करेंगे।

'INDIA गठबंधन था, है और रहेगा'

अरविंद सिंह गोप ने विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन को लेकर भी अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि 'INDIA गठबंधन था, है और रहेगा।'

गोप ने विपक्षी दलों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र, संविधान और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सहयोगी दल अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सपा का विरोध प्रदर्शन

बाराबंकी के साथ उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी समाजवादी पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए।

पार्टी की ओर से 2 से 8 अक्टूबर तक 'लोकतंत्र बचाओ सप्ताह' के अंतर्गत मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों को उठाने और विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई थी।

इसी अभियान के तहत विभिन्न जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च, धरना और प्रदर्शन के माध्यम से अपनी मांगें सामने रखीं।

इस्तीफे और एफआईआर की मांग पर अड़े सपा नेता

बाराबंकी में प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग पर कायम हैं।

पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी।

जिला कार्यालय से निर्वाचन कार्यालय तक पैदल मार्च के दौरान पुलिस की रोक और धक्का-मुक्की के कारण प्रदर्शन चर्चा में रहा।

NHP Bharat News | बाराबंकी, उत्तर प्रदेश

Mukesh Kumar Verma
Author
Mukesh Kumar Verma
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