बलरामपुर। चुंगी नाका तिराहा नहरबालागंज स्थित इमरान ट्रेडर्स पर पुलिस की तलाशी में दुकान के अंडरग्राउंड से बड़ी मात्रा में पटाखे बरामद होने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक बाहर से यहां बिस्कुट, चॉकलेट और अन्य सामान की दुकान संचालित हो रही थी, जबकि नीचे बने अंडरग्राउंड में नौ प्लास्टिक की बोरियों में कुल 1080 पैकेट विभिन्न प्रकार के पटाखे रखे मिले।
पुलिस का कहना है कि दुकान संचालक इमरान खान पटाखों के भंडारण और बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस या अधिकार पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब पटाखों की खरीद और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है।
सूचना पर रात में पहुंची पुलिस टीम
क्षेत्राधिकारी नगर अभिषेक सिंह के मुताबिक बुधवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि चुंगी नाका तिराहा नहरबालागंज स्थित एक दुकान में बड़ी मात्रा में कथित तौर पर अवैध पटाखे रखे हुए हैं।
सूचना के बाद उपनिरीक्षक नवनीत सिंह और अमित चौहान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार दुकान संचालक की सहमति के बाद दुकान की तलाशी शुरू की गई।
ऊपर बिस्कुट-चॉकलेट, अंडरग्राउंड में मिलीं नौ बोरियां
पुलिस को दुकान के सामान्य हिस्से में बिस्कुट, चॉकलेट और अन्य सामान रखा मिला। इसके बाद अंडरग्राउंड की जांच की गई तो वहां नौ हरी प्लास्टिक की बोरियां मिलीं।
पुलिस के मुताबिक बोरियों को खोलकर जांच करने पर प्रत्येक बोरी में पटाखों के 120 पैकेट मिले। इस तरह नौ बोरियों से कुल 1080 पैकेट पटाखे बरामद किए गए।
बरामद सामग्री में विभिन्न प्रकार के पटाखे शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने पूरी सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
लाइसेंस नहीं दिखा सका दुकानदार: पुलिस
प्रभारी निरीक्षक गिरजेश तिवारी के मुताबिक पूछताछ में दुकान संचालक ने बिस्कुट और चॉकलेट की दुकान की आड़ में पटाखों की बिक्री करने की बात बताई है।
पुलिस का दावा है कि उससे पटाखों के भंडारण और बिक्री से संबंधित लाइसेंस अथवा अधिकार पत्र मांगा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
कहां से आए 1080 पैकेट? सप्लाई नेटवर्क की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे कहां से खरीदे गए थे और इन्हें किन लोगों या स्थानों पर बेचा अथवा सप्लाई किया जाना था।
पटाखों की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच की जा रही है। इसके साथ ही संभावित सप्लाई नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है।
अंडरग्राउंड में भंडारण को लेकर भी जांच
दुकान के नीचे बने अंडरग्राउंड में बड़ी मात्रा में पटाखे रखे मिलने के बाद उनके भंडारण की व्यवस्था भी जांच के दायरे में है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पटाखे वहां कितने समय से रखे थे और भंडारण के दौरान निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
SP बोले- अवैध कारोबार के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के मुताबिक अवैध रूप से पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अवैध खरीद-फरोख्त और भंडारण से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
उन्होंने कहा कि जिले में अभियान जारी रखते हुए नियमों का उल्लंघन कर पटाखों की बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नोट: पटाखों के अवैध भंडारण, बिक्री और आरोपी द्वारा पूछताछ में दी गई कथित जानकारी पुलिस के बयान पर आधारित है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।