रिपोर्ट: NHP भारत | आजमगढ़
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में मंगलवार को तृतीय दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधियां प्रदान कर सम्मानित किया।
74 मेधावी विद्यार्थियों को मिले 88 पदक
विश्वविद्यालय के अनुसार, तृतीय दीक्षांत समारोह में कुल 74 मेधावी विद्यार्थियों को 88 पदक प्रदान किए गए। इनमें 20 कुलाधिपति पदक और 68 कुलपति पदक शामिल रहे।
पदक और उपाधियां प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों और अब तक की प्रगति को भी प्रस्तुत किया गया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को दिया जिम्मेदारी का संदेश
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उनका निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्राप्त ज्ञान का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखते हुए समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
शिक्षकों और प्रोफेसरों की पुस्तकों का भी प्रस्तुतीकरण
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं प्रोफेसरों द्वारा लिखी गई पुस्तकों का भी उल्लेख और प्रस्तुतीकरण किया गया। इसके माध्यम से शिक्षा, शोध और साहित्य के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के योगदान को रेखांकित किया गया।
पंडित हरिप्रसाद चौरसिया रहे मुख्य अतिथि
समारोह में प्रख्यात बांसुरी वादक एवं पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित हरिप्रसाद चौरसिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षक, प्रोफेसर, विद्यार्थी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही। तृतीय दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करने का महत्वपूर्ण अवसर बना।