पिनाहट/आगरा। चंबल घाट पर बन रहे पक्के पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश की सीमा में पुल को सड़क से जोड़ने के लिए एप्रोच मार्ग तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। जेसीबी की मदद से जमीन का समतलीकरण शुरू कर दिया गया है।
मध्य प्रदेश की सीमा में एप्रोच मार्ग का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। अब उत्तर प्रदेश की तरफ काम शुरू होने से पुल को आवागमन के लिए तैयार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण चरण आगे बढ़ा है।
मुआवजे को लेकर किसानों ने रुकवाया था काम
बुधवार को एप्रोच मार्ग के लिए काम शुरू होने पर कुछ किसानों ने अपनी खड़ी बाजरा की फसल का मुआवजा नहीं मिलने की बात कहते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया था।
मामले की जानकारी मिलने पर उपजिलाधिकारी बाह विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी। इसके बाद किसानों और सेतु निगम के कर्मचारियों के बीच वार्ता हुई।
सहमति के बाद अगले दिन फिर शुरू हुआ निर्माण
किसानों और सेतु निगम के कर्मचारियों के बीच सहमति बनने के बाद अगले दिन एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया। फिलहाल जेसीबी के माध्यम से जमीन को समतल किया जा रहा है, जिसके बाद आगे का निर्माण कराया जाएगा।
मध्य प्रदेश की ओर एप्रोच मार्ग पहले ही तैयार
चंबल नदी के दूसरी ओर मध्य प्रदेश की सीमा में पुल के लिए एप्रोच मार्ग का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश की तरफ जमीन समतलीकरण शुरू होने के बाद अब इस हिस्से में भी एप्रोच मार्ग तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
पक्के पुल और दोनों तरफ के एप्रोच मार्ग तैयार होने के बाद क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।