अमरोहा | NHP Bharat Published BY: हिमांशु उपाध्याय
अमरोहा। जनपद के हसनपुर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढक्का में सरकारी भूमि पर किए गए कथित अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ढक्का ड्रेन के नाम दर्ज भूमि पर बने 21 मकानों के अवैध हिस्सों को ध्वस्त कर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान कुछ कब्जेदारों ने विरोध भी किया, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने अभियान पूरा कराया।
प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई नायब तहसीलदार मनोज कुमार के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
राजस्व विभाग की जांच में सामने आया कि ग्राम ढक्का स्थित गाटा संख्या 1221 ख (0.603 हेक्टेयर) तथा गाटा संख्या 1222 (0.320 हेक्टेयर) राजस्व अभिलेखों में "ढक्का ड्रेन" के नाम से दर्ज सरकारी भूमि है। आरोप है कि इस भूमि पर पिछले लगभग 10 से 40 वर्षों के बीच कई लोगों ने अवैध रूप से मकान बनाकर कब्जा कर लिया था।
मामले की शिकायत आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, लखनऊ से किए जाने के बाद राजस्व विभाग ने स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखों की जांच की। जांच में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होने के बाद संबंधित कब्जेदारों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के तहत बेदखली की कार्रवाई शुरू की गई।
प्रशासन के मुताबिक, तहसीलदार न्यायालय द्वारा बेदखली के आदेश पारित किए गए थे। इन आदेशों के खिलाफ कब्जेदारों ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), अमरोहा की अदालत में अपील दायर की थी, लेकिन वहां से भी उनकी अपीलें निरस्त कर दी गईं।
तहसील प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों के बाद भी कई बार कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए, लेकिन अवैध निर्माण नहीं हटाए गए। इसके बाद न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में गुरुवार को बुलडोजर की मदद से 21 अवैध मकानों के निर्माण वाले हिस्सों को ध्वस्त कर भूमि को सरकारी कब्जे में लिया गया।
कार्रवाई के दौरान लोकेंद्र पाल, अरविंद कुमार, कानूनगो संजय कुमार, लेखपाल बोबी कुमार, जितेंद्र कुमार और प्रदीप कुमार सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
एसडीएम हसनपुर हिमांशु उपाध्याय ने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ढक्का ड्रेन के नाम दर्ज भूमि से अवैध कब्जा हटाकर उसे कब्जा मुक्त करा दिया गया है तथा भविष्य में भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।