Published By: रिपोर्टर - ब्रह्म प्रकाश तिवारी मंजुल
जनपद Friday , 31 Jul 2026 4:24 PM
अंबेडकरनगर। जनपद के जलालपुर ब्लॉक परिसर में महिला, पुरुष और कर्मचारियों की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। नियमित साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में शौचालय परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे इसका उपयोग करना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों और ब्लॉक परिसर में आने वाले फरियादियों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से शीघ्र सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आनंद शुक्ला के निर्देश पर ब्लॉक परिसर में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कुल पांच शौचालयों का निर्माण कराया गया था। इनका उद्देश्य ब्लॉक कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों, कर्मचारियों और महिला आगंतुकों को स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय सुविधा उपलब्ध कराना था।
शुक्रवार दोपहर लगभग 12 बजे किए गए निरीक्षण के दौरान शौचालयों की स्थिति काफी खराब मिली। एक कक्ष में बने पश्चिमी शैली के शौचालय का कमोड गंदगी से भरा हुआ पाया गया। वहीं पानी की टोंटी और फ्लश भी टूटे हुए मिले। अन्य शौचालयों में भी लगभग यही स्थिति देखने को मिली, जहां साफ-सफाई का अभाव, दुर्गंध और टूटे हुए उपकरण लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
ब्लॉक परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, फरियादी, कर्मचारी और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित कार्यों के लिए आने वाले नागरिक पहुंचते हैं। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय की खराब स्थिति के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई यह सुविधा नियमित रखरखाव न होने के कारण अपनी उपयोगिता खोती जा रही है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) जलालपुर शैलेन्द्र प्रकाश ने बताया कि ब्लॉक परिसर की नियमित सफाई के लिए कोई स्थायी सफाईकर्मी तैनात नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंगलवार को श्रमदान अभियान के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों के सफाईकर्मियों की मदद से परिसर की साफ-सफाई कराई जाती है। साथ ही उन्होंने लोगों से भी सार्वजनिक संपत्तियों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शौचालयों की नियमित सफाई, टूटे हुए फ्लश, टोंटी और अन्य उपकरणों की मरम्मत कराई जाए तथा स्थायी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि स्वच्छ और उपयोगी सार्वजनिक शौचालय न केवल नागरिक सुविधाओं का हिस्सा हैं, बल्कि स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को भी मजबूत करते हैं।